मस्जिद के शौचालय से मिला राजस्थान के युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

इस्लामपुर में युवक की थी ससुराल

– इस्लामपुर में युवक की थी ससुराल प्रतापगंज. थाना रोड स्थित जामा मस्जिद के शौचालय से एक युवक का शव रविवार की दोपहर संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से क्षेत्र के लोगों में अफरातफरी का माहौल व्याप्त हो गया है. शव मिलने की सूचना मिलते ही वीरपुर एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार ने थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार व पुलिस बल के साथ मस्जिद पहुंच शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिएण् सुपौल भेजा. मृतक की पहचान भवानीपुर दक्षिण पंचायत के इस्लामपुर गांव निवासी अब्दुल नासिर के दामाद अश्विनी अहमद के रूप में की गई है. अश्विनी अहमद मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर के निवासी था. मृतक की पत्नी नौसीन सबा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि लगभग पांच साल पूर्व मोबाइल के माध्यम से उन दोनों की दोस्ती हुई, फिर प्यार हुआ. दो साल तक दोनों आपस में बातचीत करते रहे, इसके दोनों तीन वर्ष पूर्व प्रतापगंज से भागकर राजस्थान में शादी रचा कर लगभग वहां एक वर्ष रहे. वहां से आकर वे लोग बिहार के पूर्णिया में रहने लगे. इस दौरान एक पुत्री (डेढ़ साल) व एक पुत्र (चार माह) का भी हुआ. पूर्णिया में रहते हुए अश्विनी ने धर्म परिवर्तन कर अश्विनी सिंह से अश्विनी अहमद बन गया. धर्म परिवर्तन के बाद से वे बीते दस माह से इस्लामपुर में ही रह रहा था. नौसीन सबा ने बताया कि शनिवार को उसके पति अश्विनी से किसी बात को लेकर अनबन हो गई, जिसके बाद वे इस्लामपुर से यह कहकर निकला कि वे घर जा रहा है, लेकिन वे घर न जाकर यहां रुक गया. जिसकी सूचना उन्हें भी मिली. बताया जाता है कि रविवार की दोपहर नमाज पढ़ने लोगों की भीड़ जब मस्जिद पहुंची तो देखा कि बाथरूम का दरवाजा अन्दर से बंद था. बाथरूम का दरवाजा बंद देख लोगों ने खुलवाने का प्रयास किया. आखिरकार जब दरवाजा को तोड़ा गया तो सबके होश उड़ गए. लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी. एसडीपीओ ने बताया कि घटना की जानकारी मृतक के घरवालों को भी दी गई है. अनुसंधान प्रारंभ कर दी गई है. अश्विनी था नशे का आदि, पत्नी से मांग रहा था पैसा घटना के संबंध में परिवार वालों ने बताया कि युवक नशा का आदि था. शनिवार को अपनी पत्नी से पैसे का मांग कर रहा था. जिसको लेकर पति पत्नी में अनबन हो गया और घर से निकल गया. वहीं जामा मस्जिद के इमाम इम्तियाज आलम ने बताया कि युवक शनिवार की रात्रि के 10 बजे मस्जिद आया और बोला हमें रहना है. उसे रहने के लिए एक कमरा दे दिया गया. रविवार की दोपहर 12 बजे तक युवक को रूम में सोया देख उसे उठाया गया. युवक उठने के बाद बरामदे पर कुछ देर बैठा रहा. उसके बाद हम किसी काम से बाजार चले गए. दोपहर के समय जब लोग नमाज पढ़ने आये तो देखा कि शौचालय का दरवाजा बहुत देर से बंद पड़ा हुआ है. उसके बाद कुछ लोग दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर युवक का शव पड़ा हुआ था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >