चुनाव प्रक्रिया में धन-बल का दुरुपयोग बड़ी चुनौती -डीएम

जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक संपन्न

-जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रवर्तन एजेंसियों की बैठक संपन्न -निर्वाचन व्यय अनुश्रवण व अवैध गतिविधियों पर निगरानी के लिए दिए आवश्यक निर्देश सुपौल. बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर शुक्रवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी. बैठक में उपस्थित सभी नोडल पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन व्यय अनुश्रवण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बड़ी चुनौती धन-बल का दुरुपयोग है, जिसके माध्यम से कुछ अभ्यर्थी एवं राजनीतिक दल मतदाताओं को नकद राशि, शराब, उपहार या अन्य प्रलोभन देकर प्रभावित करने का प्रयास करते हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सभी प्रवर्तन एजेंसियों के बीच गहन समन्वय एवं सतत निगरानी बनाए रखना आवश्यक है. जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ, बहुमूल्य उपहार एवं रिश्वत के रूप में वितरित की जाने वाली सामग्रियों पर कड़ी नजर रखने के लिए सभी नोडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है. इस क्रम में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन एफएसटी एवं तीन-तीन एसएसटी गठित की गई हैं, जो प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से अनुश्रवण कार्य करेंगी. बैठक में यह भी बताया गया कि पुलिस अधीक्षक, सुपौल के पत्रांक 185/चुनाव दिनांक 17 सितंबर के आलोक में अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला सीमाओं पर कुल 26 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां सतत निगरानी की जाएगी. नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे इन चेक पोस्टों पर की जा रही कार्रवाई की नियमित सूचना साझा करें और अवैध राशि व वस्तुओं के परिचालन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अग्रणी बैंक प्रबंधक, सुपौल के साथ समन्वय स्थापित किया जाए ताकि चुनाव अवधि में यदि किसी बैंक खाते से असामान्य रूप से बड़ी राशि का लेन-देन होता है, तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जा सके, जिससे आवश्यक जांच की जा सके. इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिया कि वाहन जांच के दौरान सभी अधिकारी सभ्य और शालीन व्यवहार अपनाएं और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत एसओपी का पालन करें, ताकि किसी आम नागरिक को असुविधा न हो. बैठक के अंत में जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल पदाधिकारियों से कहा कि वे चुनाव अवधि में समय-समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें और आयोग के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, ताकि जिले में निर्वाचन व्यय का प्रभावी अनुश्रवण किया जा सके.

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