सुपौल : बिहार सरकार द्वारा पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन कराने के बाद ही पंचायत चुनाव कराने के निर्णय का प्रखंड मुखिया संघ ने स्वागत किया है. गुरुवार की शाम ब्लॉक चौक स्थित यात्री निवास में आयोजित प्रेसवार्ता में मुखिया संघ के पदाधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए मुख्यमंत्री एवं राज्य मंत्रिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया.
छह वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम : मुखिया संघ
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह लक्ष्मीपुर खूंटी पंचायत के मुखिया किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि यह निर्णय मुखिया संघ के छह वर्षों के संघर्ष का परिणाम है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 की जनगणना के आधार पर 1996 में पंचायतों का परिसीमन किया गया था, जबकि अब वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 2026 में नया परिसीमन होगा. उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद पंचायत चुनाव कराने का सरकार का निर्णय पूरी तरह स्वागतयोग्य है.
बढ़ेगी पंचायतों की भागीदारी और विकास को मिलेगी गति
मुखिया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नए परिसीमन से पंचायतों की संख्या, बजट और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी. इससे ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा और संतुलित विकास को गति मिलेगी.
टैक्स वसूली के अधिकार का भी किया स्वागत
प्रेसवार्ता में ग्राम पंचायतों को कर (टैक्स) वसूली का अधिकार दिए जाने के सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया. संघ का कहना है कि इससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा.
पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश मुखिया संघ के नेतृत्व में सरकार के प्रति आभार जताने के लिए राज्यव्यापी धन्यवाद यात्रा निकाली जाएगी. इसकी तिथि और जिला-वार कार्यक्रम की घोषणा प्रदेश कमेटी जल्द करेगी.
प्रेसवार्ता में मुखिया संघ के उपाध्यक्ष सह मुख्यालय पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मकसूद मसन, सचिव सह ठूंठी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार राय, माधोपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोती अहमद, राजेश्वरी पश्चिमी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार मंडल, सोहटा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
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