सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट.
Bihar Police: बिहार में बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. गृह विभाग के निर्देश पर सुपौल जिले के सात प्रमुख थानों को पुलिस निरीक्षक यानी इंस्पेक्टर रैंक का थाना घोषित किया गया है. नए आदेश के बाद अब सुपौल, त्रिवेणीगंज, निर्मली, वीरपुर, राघोपुर, पिपरा और छातापुर थानों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किए जाएंगे. सरकार के इस फैसले को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
सुपौल के इन सात थानों को मिला नया दर्जा
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत सुपौल जिले के सात थानों को इंस्पेक्टर रैंक का दर्जा दिया गया है. इनमें सुपौल, त्रिवेणीगंज, निर्मली, वीरपुर, राघोपुर, पिपरा और छातापुर थाना शामिल हैं.
अब इन थानों में पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और अनुसंधान कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी हो सकेगी.
अपराध नियंत्रण और जांच व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार का मानना है कि बड़े क्षेत्रफल, अधिक जनसंख्या और अपराध की दृष्टि से संवेदनशील थानों में इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी की तैनाती से अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार आएगा.
इसके साथ ही विधि-व्यवस्था बनाए रखने और मामलों के त्वरित निष्पादन में भी मदद मिलेगी. नए थानाध्यक्ष अपने अधीन कार्यरत अनुसंधान एवं विधि-व्यवस्था इकाइयों की बेहतर निगरानी कर सकेंगे.
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए थानों को और अधिक सक्षम बनाना जरूरी है.
इसी उद्देश्य से राज्य के 217 अतिरिक्त थानों को इंस्पेक्टर स्तर का दर्जा दिया गया है.
बिहार में अब 425 थाने होंगे इंस्पेक्टर रैंक के
बिहार में वर्तमान में कुल 1382 पुलिस थाने अधिसूचित हैं. पहले 208 थानों को ही इंस्पेक्टर स्तर का दर्जा प्राप्त था, लेकिन नए आदेश के बाद 217 और थानों को इस श्रेणी में शामिल कर लिया गया है.
अब राज्य के कुल 425 सामान्य पुलिस थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
