Supaul News: छातापुर प्रखंड के माधोपुर पंचायत स्थित हरिहरपुर गांव में शुक्रवार को जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता और थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने संयुक्त निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं, निर्माणाधीन योजनाओं और ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों और अभिकर्ताओं को आवश्यक निर्देश दिए.
स्वास्थ्य उपकेंद्र में ओपीडी व्यवस्था की ली जानकारी
कबीर कृपानाथ उच्च प्लस टू विद्यालय के समीप संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान सीएचओ मो. तारिक अनवर तथा एएनएम अमृता कुमारी और संगीता कुमारी ड्यूटी पर मौजूद मिलीं. बीडीओ ने ओपीडी रजिस्टर का अवलोकन कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली. सीएचओ ने बताया कि शुक्रवार को 45 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि प्रतिदिन औसतन 60 से 70 मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं.
परिसर में पेवर ब्लॉक और पानी की टंकी लगाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य उपकेंद्र परिसर में मिट्टी भराई, पेवर ब्लॉक और पानी की टंकी की आवश्यकता महसूस की गई. स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि पानी की टंकी नहीं होने से विशेषकर महिला स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों को परेशानी होती है. इस पर बीडीओ ने संबंधित समिति सदस्य भवेश कुमार को जल्द आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
निर्माणाधीन योजनाओं का भी किया निरीक्षण
अधिकारियों ने खेल मैदान के समीप निर्माणाधीन चबूतरा और सामुदायिक शौचालय का भी निरीक्षण किया. बताया गया कि यह कार्य जिला जनता दरबार में प्राप्त आवेदन के बाद शुरू कराया गया है. निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता अमित कुमार यादव भी मौजूद रहे.
महादलित टोला में बनेगा सामुदायिक शौचालय
अमित कुमार यादव ने वार्ड संख्या-10 स्थित विद्यालय के पीछे ऋषिदेव टोला में भी सामुदायिक शौचालय निर्माण की मांग रखी. उन्होंने बताया कि इससे लगभग 40 महादलित परिवारों को लाभ मिलेगा. बीडीओ ने कहा कि जीपीडीपी योजना के तहत ऋषिदेव महादलित टोला में भी सामुदायिक शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराई जाएगी.
गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
Supaul News: बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने निर्माण एजेंसी को स्थल पर योजना का सूचना बोर्ड लगाने, स्वीकृत मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग करने और गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर राशि की कटौती के साथ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
