राघोपुर में पहली सोमवारी पर प्रशासनिक व्यवस्था का दिखा असर, बाबा भीमशंकर धाम में एक लाख श्रद्धालुओं के बावजूद नहीं लगा जाम

राघोपुर स्थित बाबा भीमशंकर महादेव मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर एक लाख श्रद्धालुओं के आने के बावजूद किसी भी तरह के जाम या अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी। नई प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुनियोजित योजना के कारण पहली बार भीड़ का सफल प्रबंधन हुआ. श्रद्धालुओं ने व्यवस्था की सराहना की.

Supaul News: सुपौल जिले के राघोपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा भीमशंकर महादेव मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसे देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए. प्रशासनिक अनुमान के अनुसार करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद न तो जाम लगा, न धक्का-मुक्की हुई और न ही किसी प्रकार की अफरा-तफरी की स्थिति बनी. वर्षों से चली आ रही भीड़ प्रबंधन की समस्या इस बार लगभग पूरी तरह नियंत्रण में रही. स्थानीय लोग इसका श्रेय नवपदस्थापित एसडीएम सह बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष विनय कुमार की नई कार्यशैली, ट्रैफिक प्रबंधन और सुनियोजित व्यवस्था को दे रहे हैं.

पहली सोमवारी से पहले प्रशासन ने मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, बाजार क्षेत्र, पार्किंग और आवागमन मार्गों का लगातार निरीक्षण किया था. इसी तैयारी का असर सोमवार को साफ दिखाई दिया, जब हजारों श्रद्धालु बिना किसी बड़ी परेशानी के जलाभिषेक कर सके.

वर्षों पुरानी व्यवस्था बदली, पहली बार अलग हुआ प्रवेश और निकास मार्ग

सबसे बड़ा बदलाव मंदिर के प्रवेश और निकास मार्ग को लेकर किया गया. पहले श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास एक ही रास्ते से होता था, जिससे भीड़ एक स्थान पर जमा हो जाती थी और जाम की स्थिति बन जाती थी.

इस बार पहली बार वन-वे व्यवस्था लागू की गई. गणपतगंज बाजार से धरहरा मोड़ होते हुए मंदिर तक प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया, जबकि निकास के लिए ब्राह्मण टोला से केएन डिग्री कॉलेज की ओर अलग मार्ग बनाया गया. इस बदलाव से पूरे दिन श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार चलता रहा और भीड़ किसी एक बिंदु पर नहीं रुकी.

दुकानों की नई व्यवस्था से भी मिली राहत

भीड़ नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए फूल और पूजन सामग्री की दुकानों को प्रवेश मार्ग पर व्यवस्थित किया गया, जबकि अन्य दुकानों को निकास मार्ग की ओर स्थानांतरित किया गया.

इस व्यवस्था का असर यह रहा कि खरीदारी करने वाले श्रद्धालु मुख्य कतार को बाधित किए बिना आसानी से आगे बढ़ते रहे और मंदिर के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं बनी.

शिवगंगा घाट का चौड़ीकरण बना बड़ी राहत

एसडीएम विनय कुमार के निर्देश पर शिवगंगा घाट का चौड़ीकरण भी कराया गया था. पहले जहां जल भरने के दौरान लंबी कतारें लगती थीं, इस बार हजारों श्रद्धालु अपेक्षाकृत कम समय में गंगाजल भर सके.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जल भरने की प्रक्रिया कहीं अधिक व्यवस्थित और तेज रही.

सुबह 2:30 बजे खुला मंदिर का पट

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह का पट अहले सुबह 2:30 बजे ही खोल दिया गया. पट खुलते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे दिन जलाभिषेक का क्रम चलता रहा.

भागलपुर के महादेवपुर घाट से गंगाजल लेकर पहुंचे बड़ी संख्या में कांवरियों ने भी बाबा भीमशंकर का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की.

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था रही चाक-चौबंद

भीड़ प्रबंधन के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष रूप से मजबूत किया गया था. महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं. गर्भगृह से लेकर शिवगंगा घाट तक बैरिकेडिंग की गई थी और पूरे परिसर की निगरानी कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही थी.

प्रशासन की ओर से 60 दंडाधिकारी, 60 पुलिस पदाधिकारी और 50 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. मेडिकल टीम और अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद रहे.

पहले ही कर ली गई थी तैयारियों की समीक्षा

पहली सोमवारी से एक दिन पहले जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर. एस. ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की थी.

इसके बाद एसडीएम विनय कुमार ने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक कर सुरक्षा, ट्रैफिक, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश दिए थे.

श्रद्धालुओं ने की प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना

मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि इस बार की व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही. अलग प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी के कारण उन्हें बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन और जलाभिषेक का अवसर मिला.

कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन और बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यही व्यवस्था आगे भी जारी रही तो श्रावण मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन का यह मॉडल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.

संत निरंकारी मंडल ने लगाया निःशुल्क जल सेवा शिविर

मंदिर परिसर में संत निरंकारी मंडल की ओर से निःशुल्क शीतल पेयजल सेवा शिविर भी लगाया गया, जहां सुबह से शाम तक हजारों श्रद्धालुओं को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया गया.

Supaul News: SDM विनय कुमार बोले- श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि पहली सोमवारी को लेकर सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं. अधिकारियों की तैनाती, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना था.

उन्होंने कहा कि आगे भी श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं मंदिर न्यास समिति की उपाध्यक्ष सह अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने बताया कि इस बार लागू की गई नई ट्रैफिक और बैरिकेडिंग व्यवस्था पूरी तरह सफल रही और सभी के सहयोग से पहली सोमवारी शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई.

पूरे आयोजन के दौरान एसडीएम विनय कुमार, डीएसपी सुरेंद्र कुमार, साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता, अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया, बीडीओ सत्येंद्र कुमार, राघोपुर अपर थानाध्यक्ष स्वीटी कुमारी सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मंदिर परिसर में मौजूद रहे. प्रशासन और बाबा भीमशंकर मंदिर न्यास समिति के बेहतर समन्वय ने इस वर्ष की पहली सोमवारी को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बना दिया.

Also Read:Bankipur By Election Result: बिहार की राजनीति में पीके की धमाकेदार एंट्री, बीजेपी का गढ़ हिला, राजद का MY भी ध्वस्त



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आशुतोष झा

आशुतोष झा प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. राघोपुर (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >