हमें लोगों को अधिकार के साथ देना है कर्तव्य बोध भी : संघ

परिवार में बड़ों का सम्मान और बच्चों को कहने सुनने की रहनी चाहिए आजादी

– पब्लिक हाई स्कूल मैदान में आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह का हुआ आयोजन – परिवार में बड़ों का सम्मान और बच्चों को कहने सुनने की रहनी चाहिए आजादी प्रतापगज. पब्लिक हाई स्कूल के मैदान में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन किया गया. संघ के सह सर कार्यवाह आलोक कुमार ने संघ की स्थापना सहित संघ के सौ वर्षों के सफर की चर्चा के साथ अगामी वर्षों में किये जाने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना 27 दिसम्बर 1925 को डॉ हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन की थी. विजयादशमी के दिन ही संघ की स्थापना करना भी इसके पीछे प्राचीन कारण बताया. उन्होंने संघ द्वारा सौ वर्षों में किये गये कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संघ ने देश के हर संकट, मानवीय त्रासदी, किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा, सामाजिक संगठन बनाने के साथ देश को उनन्त करने में कार्य किया है. उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के अंत में संघ द्वारा किये गये एक लाख कार्यक्रम सम्पन्न हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि नये शताब्दी वर्ष में पांच तरह के निर्धारित संदेश यथा पर्यावरण संतुलन, परिवार उद्बोधन, सामाजिक समरसता, स्वयं बोध और नागरिक कर्तव्य बोध के लिए देश के बीस करोड़ से अधिक घरों में संपर्क करना है. उन्होंने कहा कि स्वदेशी का पालन, अपने पूर्वजों, अपनी भाषा, संस्कृति को याद करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम जाति के आधार पर छोटा बड़ा ऊंच नीच की बातों के भेदभाव में उलझे हुए हैं जो गलत है. समाज में समरसता आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है. इसलिए अगले वर्ष में इसे ठीक करने का प्रयास किया जाएगा. बताया कि परिवार बोध के लिए भी कार्य किए जाएंगे. हमारे परिवारों में बड़ों का सम्मान और बच्चों को कहने सुनने की आजादी रहनी चाहिए. परिवारों में टूट नहीं होनी चाहिए. ये रिश्ते मनुष्य के दुख सुख में भागीदार होते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे देश में नागरिक बोध कुछ कम है. ऐसा नहीं कि हम संवेदनशील नहीं हैं. संवेदना हैं तभी तो हम किसी के मुसीबत के समय उसका सहारा बनना हमारी परंपरा है. उन्होंने कहा कि हमें लोगों को अधिकार के साथ कर्तव्य बोध भी देना है. अधिकारों में संघर्ष है लेकिन कर्तव्य में संघर्ष नहीं होता है. इन्हीं पांच बातों को लेकर हम नये शताब्दी वर्ष में देशस्तर पर कार्य करेंगे. मुख्य अतिथि नवीन कर्ण ने संघ के कार्यों की चर्चा की. कार्यक्रम में जिला संघ संचालक लक्ष्मी नारायण ठडिया, जिला कार्यवाह लालू प्रसाद लाल, जिला प्रचारक राहुलदेव, खंड कार्यवाह राहुल गोईत, मंडल कार्यवाह मनीष भुसकुलिया, खंड शारीरिक प्रमुख दिव्यांग भुसकुलिया आदि मौजूद थे. कार्यक्रम के बाद स्वयं सेवकों ने पथ संचलन कर बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण भी किया.

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