जिला परिवहन विभाग का औचक जांच अभियान, अधिक किराया लेने पर कार्रवाई की चेतावनी
सुपौल
यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है. इसी क्रम में गुरुवार को जिला परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न मार्गों पर संचालित यात्री बसों का औचक निरीक्षण कर किराया वसूली की जांच की. जांच के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बसों में चढ़कर यात्रियों से सीधे बातचीत की और उनसे लिए जा रहे किराये की जानकारी प्राप्त की.अधिकारियों ने निर्धारित किराया दरों के अनुपालन का सत्यापन करते हुए बस संचालकों को नियमों का पालन करने का निर्देश दिया. जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सभी बस स्वामियों, संचालकों एवं चालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे केवल सरकार द्वारा निर्धारित एवं स्वीकृत किराया ही यात्रियों से वसूल करें. किसी भी परिस्थिति में निर्धारित दर से अधिक किराया लेना स्वीकार्य नहीं होगा. निरीक्षण के दौरान यात्रियों से प्रत्यक्ष पूछताछ कर किराया वसूली संबंधी तथ्यों की जांच की गई. साथ ही बस संचालकों को निर्धारित किराया सूची का पालन सुनिश्चित करने तथा यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई बस संचालक या वाहन स्वामी निर्धारित किराया से अधिक राशि वसूलते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर चालान, अभियोजन और अन्य वैधानिक कदम भी उठाए जाएंगे. बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध परमिट संबंधी कार्रवाई की भी अनुशंसा की जा सकती है.
जिला प्रशासन ने कहा कि यात्रियों के हितों की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. अवैध किराया वसूली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह का सघन जांच अभियान जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
