सुपौल. विधान परिषद चुनाव में महा गंठबंधन प्रत्याशी की हार जाहिर करती है कि वोट के माध्यम से पंचायती राज के प्रतिनिधियों ने भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया है. महा गंठबंधन के नेता अगर समय रहते सचेत नहीं हुए, तो आगामी विधानसभा चुनाव में भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उक्त बातें विधान परिषद चुनाव में स्थानीय निकाय के प्रत्याशी सह पब्लिक विजिलेंस कमेटी के सचिव अनिल कुमार सिंह ने कहीं. उन्होंने कहा कि बीते दशक में सूबे के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से पंचायत प्रतिनिधि अक्सर अपमानित होते रहे हैं. चुनाव के दौरान प्रतिनिधियों ने वर्तमान तंत्र के खिलाफ मतदान कर अपने अपमान का बदला लिया है. वर्तमान राज्य सरकार को अगर दोबारा सत्ता में आने की चाह है तो उन्हें घरों में दस्तक देने के बजाय भ्रष्ट पदाधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध अभियान चला कर उन्हें दंडित करना होगा, ताकि आम लोगों को सरकारी काम-काज के निष्पादन में सहूलियत मिले.
महा गंठबंधन की हार जनप्रतिनिधियों के आक्रोश का परिणाम
सुपौल. विधान परिषद चुनाव में महा गंठबंधन प्रत्याशी की हार जाहिर करती है कि वोट के माध्यम से पंचायती राज के प्रतिनिधियों ने भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया है. महा गंठबंधन के नेता अगर समय रहते सचेत नहीं हुए, तो आगामी विधानसभा चुनाव में भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उक्त […]
