खुशहाल परिवार का मंतर- दो बच्चों में तीन साल का अंतर

फोटो -19,20कैप्सन- उद्घाटन करते सीएस व मरीजों को परामर्श देती स्वास्थ्य कर्मीप्रतिनिधि, सुपौल विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया.मेला का उद्घाटन सिविल सर्जन डा उमा शंकर मधुप ने फीता काट कर किया.स्वास्थ्य मेला में मरीजों को परामर्श देने एवं टीका करण के अलावे […]

फोटो -19,20कैप्सन- उद्घाटन करते सीएस व मरीजों को परामर्श देती स्वास्थ्य कर्मीप्रतिनिधि, सुपौल विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया.मेला का उद्घाटन सिविल सर्जन डा उमा शंकर मधुप ने फीता काट कर किया.स्वास्थ्य मेला में मरीजों को परामर्श देने एवं टीका करण के अलावे मुफ्त गर्भ निरोधक दवा, कंडोम व कॉपर टी लगाने हेतु अलग-अलग स्टॉल लगाया गया था. इस अवसर पर सीएस डा मधुप ने कहा कि बिहार का कुल प्रजनन दर 3.4 है, जो देश में सर्वाधिक है.उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन साधनों की अपूरित मांगें 31.5 है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है और चिंता का विषय है.राज्य में जनसंख्या स्थिरीकरण की समस्या से सरकार अवगत है और इस दिशा में व्यापक तौर पर कार्रवाई की जा रही है.उन्होंने कहा कि 11 से 31 जुलाई के बीच जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है.इस पखवाड़े का थीम ‘खुशहाल परिवार का मंतर-दो बच्चों में तीन साल का अंतर’ है.इस के तहत प्रत्येक प्रखंड मुख्यालयों में परिवार कल्याण कार्यक्रम को केंद्र बिंदु बना कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना है.उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त कर जनसंख्या नियंत्रण में सहयोग देने की अपील की.इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा एनके चौधरी, जिला योजना समन्वयक बाल कृष्ण चौधरी, लेखा प्रबंधक अमित आनंद, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी पंकज झा, रंजीत कुमार, अस्पताल प्रबंधक मासूम इकवाल, परिवार कल्याण परामर्शदाता उजाला सिन्हा, संगीता पाठक, बेबी कुमारी, पुनित कुमारी, चंदन कुमार आदि उपस्थित थे.

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