50वीं चरण पादुका यात्रा, 32 किमी की दूरी तय कर पहुंची परसरमा

भक्तजनों ने लगभग 07 घंटे में यह दूरी पैदल तय की और मुख्य पुजारी दिनेश बाबा को पवित्र पादुका समर्पित की

By RAJEEV KUMAR JHA | May 12, 2025 6:47 PM

सुपौल पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को 50वीं चरण पादुका यात्रा का आयोजन भव्य रूप से किया गया. यह विशेष पदयात्रा सहरसा जिला के खजुरी से आरंभ होकर सदर प्रखंड के लक्ष्मीनाथ गोसांई कुटी, परसरमा तक 32 किलोमीटर की दूरी तय कर पूर्ण हुई. भक्तजनों ने लगभग 07 घंटे में यह दूरी पैदल तय की और मुख्य पुजारी दिनेश बाबा को पवित्र पादुका समर्पित की. गौरतलब है कि पिछले 09 वर्षों से प्रत्येक पूर्णिमा को यह यात्रा आयोजित की जा रही है. हालांकि, कोरोना काल में एक बार यह यात्रा पूर्णिमा के स्थान पर एकादशी को की गई थी. बीते एक वर्ष से यह यात्रा नियमित रूप से माह की दोनों एकादशियों (कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष) के साथ पूर्णिमा पर भी संपन्न हो रही है. इस धार्मिक आयोजन का समापन फाल्गुन पूर्णिमा को निर्धारित किया गया है. यात्रा के उद्देश्य के संबंध में सेवक प्रभाकर ने कहा कि “सबहि नचावत राम गोसांई.” अर्थात प्रभु की इच्छा के बिना कुछ भी संभव नहीं. उन्होंने बताया कि यह यात्रा गोसांई जी की कृपा और आशीर्वाद से सफल हो रही है. सेवक प्रभाकर ने बताया कि आज से 50 वर्ष पूर्व पादुका (खड़ाऊं) का उपयोग आम था, किंतु अब यह परंपरा विलुप्त होने की कगार पर है. वर्तमान में लोग इसे केवल पूजा-पाठ या चढ़ावे में प्रयोग करते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि कृत्रिमता के इस युग में लोग एक बार फिर प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौटेंगे. इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाने में मुख्य पुजारी दिनेश ओझा, सदाशिव ठाकुर, मिट्ठू मिश्र समेत अनेक श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा.

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