फोटो-09कैप्सन- धरना में शामिल आशाप्रतिनिधि, सुपौल11 सूत्री मांगों के समर्थन में आशा का अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. मौके पर आशा ने सदर अस्पताल परिसर में धरना दिया तथा सरकार विरोधी नारे लगाये. धरना की अध्यक्षता कर रही द्रोपदी देवी ने कहा कि दिन-रात मेहनत कर सरकार की योजना को अमली-जामा पहनाने वाली आशा कार्यकर्ताओं की सरकार द्वारा अनदेखी की जा रही है. आशा की मेहनत का ही नतीजा है कि सूबे में जच्चा-बच्चा के मृत्यु दर में गिरावट आयी है. वही टीकाकरण अभियान में भी आशा का योगदान सबसे अहम रहता है. लेकिन आशा को पुरस्कार देने के बजाय सरकार न्यूनतम मानदेय प्रदान कर भद्दा मजाक कर रही है.उन्होंने कहा कि रविवार को राज्य की हजारों आशा ने मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया. बावजूद सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. कहा कि मांग पूरा होने तक आशा का हड़ताल जारी रहेगी. इस अवसर पर पूनम देवी, सरिता देवी, कुमारी रेणु, कुमकुम सिंह, सुजाता कुमारी, मंजू देवी, रंजना कुमारी, बिजली कुमारी, राधा कुमारी, मीना कुमारी, सीता देवी, नजमून खातून, रंभा देवी, रुणा कुमारी, लुखो देवी, उषा सिन्हा, नेहा कुमारी, कोमल भारती, मंजू देवी, सरिता जायसवाल आदि मौजूद थे.
11 सूत्री मांगों के समर्थन में आशा का हड़ताल जारी
फोटो-09कैप्सन- धरना में शामिल आशाप्रतिनिधि, सुपौल11 सूत्री मांगों के समर्थन में आशा का अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. मौके पर आशा ने सदर अस्पताल परिसर में धरना दिया तथा सरकार विरोधी नारे लगाये. धरना की अध्यक्षता कर रही द्रोपदी देवी ने कहा कि दिन-रात मेहनत कर सरकार की योजना को अमली-जामा […]
