प्राकृतिक आपदा की जद में आये पीड़ित परिवार को नहीं मिली सरकारी सहायता

छह दिन पूर्व आये बंवडर से 100 से अधिक परिवार के उजड़े थे आशियाने विद्युत आपूर्ति हो गयी थी ठप, गिर गये थे कई पेड़ पीड़ित परिवारों के बीच आवास व भोजन की है समस्या महम्मदगंज वार्ड संख्या तीन स्थित महादलित बस्ती के दर्जनों परिवार हो गये थे प्रभावित छातापुर : सूबे के मुखिया कई […]

  • छह दिन पूर्व आये बंवडर से 100 से अधिक परिवार के उजड़े थे आशियाने
  • विद्युत आपूर्ति हो गयी थी ठप, गिर गये थे कई पेड़
  • पीड़ित परिवारों के बीच आवास व भोजन की है समस्या
  • महम्मदगंज वार्ड संख्या तीन स्थित महादलित बस्ती के दर्जनों परिवार हो गये थे प्रभावित
छातापुर : सूबे के मुखिया कई मौकों पर घोषणा कर चुके हैं कि राज्य सरकार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का सबसे पहला अधिकार है. परंतु सरकारी महकमा ही इन घोषणाओं से इत्तेफाक नहीं रखते. नतीजतन सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा फासला दिख रहा है.
दरअसल अंचल क्षेत्र में बीते गुरुवार को आये बवंडर तूफान से पीड़ित परिवारों को सरकारी राहत देने में स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता सामने आ रही है. स्थिति यह है कि बवंडर को गुजरे छह दिन हो गये हैं.
लेकिन प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की बात तो दूर अभी तक सभी पीड़ितों को पॉलीथिन सीट भी नहीं दिया जा सका है. संध्याकाल आये बवंडर ने अंचल क्षेत्र के घीवहा, महम्मदगंज एवं चुन्नी पंचायत के कई हिस्सों में भारी तबाही मचायी थी. जिसमें 100 से अधिक परिवार के आशियाने उजड़ गये थे.
विद्युत आपूर्ति ठप हो गया था और कई वृक्ष धाराशायी हो गये. बहुत से ऐसे पीड़ित परिवार हैं, जिनके समक्ष आवास व भोजन की विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है. बावजूद इसके प्रखंड सह अंचल प्रशासन पीड़ितों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने में उदासीन रवैया अपना रहा है. इस आपदा में खासकर महम्मदगंज वार्ड संख्या तीन स्थित महादलित बस्ती के दर्जनों परिवार प्रभावित हो गये थे.
कहते हैं एसडीएम
त्रिवेणीगंज एसडीएम विनय कुमार सिंह ने पूछने पर बताया कि आपदा के प्रावधानों के तहत जो भी सरकारी सहायता संभव है. पीड़ितों को उपलब्ध कराया जाना है. प्रभावित परिवारों को सरकारी राहत देने का निर्देश बवंडर तूफान आने के तत्काल बाद ही अंचलाधिकारी को दिया गया था.

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