सुपौल : खुदरा दवा दुकानों में फॉर्मासिस्ट की समस्या सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है. एसोसिएशन ने इस बाबत जिला पदाधिकारी को मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि बिहार में दवा दुकानों की संख्या के मुताबिक फॉर्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय.
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने किया आंदोलन का एलान
सुपौल : खुदरा दवा दुकानों में फॉर्मासिस्ट की समस्या सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है. एसोसिएशन ने इस बाबत जिला पदाधिकारी को मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि बिहार में दवा दुकानों की संख्या के मुताबिक फॉर्मासिस्ट […]

जब तक यह उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो जाती है, तब तक पूर्व में निर्गत अनुज्ञप्तिधारी खुदरा दवा दुकानों को यथास्थिति बनाए रखा जाय. वहीं अनुज्ञप्तिधारी दुकानदारों के उपर निरीक्षण के दौरान तकनीकि गलती पर ड्रग एक्ट में दिये गये प्रावधान के अनुसार दंड सुनिश्चित किया जाय. ना कि निरीक्षण करने वाले अफसरों की संतुष्टि व असंतुष्टि के आधार पर निर्णय लिया जाय.
केमिस्टों ने कहा कि बिहार में औषधी नियंत्रण, प्रशासन द्वारा जारी अनुज्ञप्ति की तुलना में फॉर्मासिस्ट की उपलब्धता काफी कम है. इस कानून का पालन तभी संभव है, जब दुकानों के अनुरूप फॉर्मासिस्ट उपलब्ध हों. कहा कि इस संबंध में कई बार सरकार से मांग की गयी है. लेकिन इसका निदान नहीं किया गया. उल्टे समस्या के नाम पर केमिस्टों को प्रताड़ित एवं शोषित करने का काम लंबे समय से जारी है. जिससे तंग आकर संघ ने आंदोलन की घोषणा की है.
आंदोलन का स्वरूप: जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक यादव एवं सचिव प्रमोद कुमार कर्ण ने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार आगामी 20 जुलाई से राज्य के सभी थोक विक्रेता किसी भी कंपनी से किसी भी प्रकार की दवाओं की खरीद नहीं करेंगे. वहीं 16 अगस्त से राज्य के सभी खुदरा विक्रेता भी किसी प्रकार की दवाओं की खरीदगी नहीं करेंगे. सरकार द्वारा पहल नहीं किये जाने की स्थिति में 01 सितंबर 2019 से राज्य के सभी थोक एवं खुदरा दुकानें अनिश्चित कालीन बंद रहेंगे.
आंदोलन के क्रम में बीमार एवं पीड़ित को दवा की आपूर्ति की व्यवस्था सरकार अपने स्तर से सुनिश्चित करें. इस अवधि में दवा के अभाव में किसी भी प्रकार की घटना की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी. संघ के शिष्ट मंडल में अध्यक्ष एवं सचिव के अलावा सुजय मुखर्जी, चंद्रकांत झा, रवि जैन, अभिनय ठाकुर, मनीष झा, कुणाल कुमार, गजेंद्र चौधरी, शमशेर आलम, सकीब इस्लाम, दिलीप दास आदि शामिल थे.