Hariharnath Corridor Project: बिहार के सोनपुर की सूरत बदलने वाली है. सोनपुर को आर्थिक बढ़ावा होने के साथ-साथ वह एक धार्मिक पर्यटन का केंद्र भी बनने वाला है. सरकार की तरफ से प्रस्तावित हरिहरनाथ कॉरिडोर परियोजना पर काम शुरू हो गया है. इसे लेकर अपडेट है कि प्रशासन की तरफ से जमीन सर्वे और सीमांकन का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे लोगों की उम्मीदें बढ़ीं हैं.
6 अमीनों को दी गई जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक, जमीन सर्वे के लिए 6 अमीनों को लगाया गया है. वे सीमाओं के निर्धारण, जमीनों की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के वेरिफिकेशन में जुटे हैं. इस काम के बाद ही आगे के काम को सुचारु रूप से बढ़ाया जा सकेगा. सोनपुर के लिए यह परियोजना बेहद खास मानी जा रही है. इसके बनने से सोनपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा हो सकेगी. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे.
क्यों मुश्किल माना जा रहा जमीन सर्वे?
जमीन सर्वे का काम प्रशासन के लिए कहीं ना कहीं चैलेंजिंग माना जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के आस-पास का इलाका घनी आबादी वाला है. ऐसी स्थिति में जमीन का सीमांकन और अभिलेखों का मिलान कर पाना कठिन काम हो सकता है. अब संभावना जताई जा रही है कि कुछ जगहों पर पुराने राजस्व रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति में अंतर मिल सकती है. ऐसे में इस सर्वेक्षण को पारदर्शिता के साथ करने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है.
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह होगा तैयार
वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर ही हरिहरनाथ कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा. इस परियोजना पर करीब 680 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे न सिर्फ मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी. सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
