वायरल वीडियो से खुला नप का खेल

नगर परिषद आये दिन नये -नये मामलों को लेकर चर्चा में रहा है.कार्यपालक पदाधिकारी रहे अनुभूति श्रीवास्तव के निगरानी के छापे में सरकारी धन गबन का मामला सामने आने के बाद निलंबन व मुकदमे की कार्रवाई हुई.इसके बाद जालसाजी कर फर्जी वर्क आर्डर जारी करने का एक मामला सामने आने पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज कराया गया.इसके चंद घंटे बाद ही एक वीडियो वायरल होने से एक नया विवाद शुरू हो गया है.

प्रतिनिधि,सीवान. नगर परिषद आये दिन नये -नये मामलों को लेकर चर्चा में रहा है.कार्यपालक पदाधिकारी रहे अनुभूति श्रीवास्तव के निगरानी के छापे में सरकारी धन गबन का मामला सामने आने के बाद निलंबन व मुकदमे की कार्रवाई हुई.इसके बाद जालसाजी कर फर्जी वर्क आर्डर जारी करने का एक मामला सामने आने पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज कराया गया.इसके चंद घंटे बाद ही एक वीडियो वायरल होने से एक नया विवाद शुरू हो गया है. वायरल वीडियो के मुताबिक नगर परिषद कार्यालय में बैठ कर नगर परिषद कर्मियों व बाहरी लाेगों के मिलीभगत से सरकारी अभिलेख भरने का यह मामला है.बताया जाता है कि वीडियो में नगर परिषद के एक पदाधिकारी नजर आ रहे हैं.उनके सामने बाहरी लोग एक रजिस्टर में लिखते हुए नजर आ रहे हैं.यह रजिस्टर वर्क आर्डर से संबंधित बताया जा रहा है.जिसे लिखने के लिये विभागीय कर्मी नामित है.एक अन्य वीडियो में आगत-निर्गत काउंटर पर कई बाहरी व्यक्ति द्वारा कथित वर्क आर्डर रजिस्टर को भरते हुए देखा जा रहा है.यह वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.हालांकि प्रभात खबर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. उधर कार्यपालक पदाधिकारी डा.विपिन कुमार ने वीडियो वायरल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला संज्ञान में आया है.कुछ लोग इसकी शिकायत लेकर आये थे.पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. शिकायत लेकर डीएम तक पहुंचे उप मुख्य पार्षद सहित वार्ड पार्षद वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद किरण गुप्ता, वार्ड पार्षद जयप्रकाश गुप्ता, पूर्व वार्ड पार्षद अमित कुमार सिंह,अमित गोड़ सहित अन्य सदस्यों ने सक्रियता दिखलायी.वायरल वीडियो की जांच कराने की मांग को लेकर प्रतिनिधियों ने डीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की है.उप मुख्य पार्षद ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच होनी चाहिये.उन्होंने कहा कि वीडियो में सीटी मैनेजर के सामने बाहरी लोग वर्क आर्डर भरते नजर आ रहे हैं.ऐसे में इनकी संलिप्तता से कैसे इंकार किया जा सकता है.उधर आगत-निर्गत काउंटर के प्रभारी राजा मांझी ने पहले ही इओ को लिखकर दे चुके हैं कि मेरे बिना अनुमति के जबरन वर्क आर्डर बाहरी व्यक्तियों द्वारा भरा गया.इस पूरे प्रकरण की जांच कराये बिना तीन कर्मियों को आरोपित कर मुकदमे की कार्रवाई से निष्पक्षता पर सवाल उठ रहा है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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