प्रतिनिधि,सीवान. रसोई गैस को लेकर मचे हाहाकार के बीच शनिवार को भी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार नजर आयी.हालांकि ऑनलाइन बुकिंग के चलते अब निर्धारित शिड्यूल के अनुसार सिलिंडर मिलने के चलते कई केंद्रों पर भीड़ अब कम होने लगी है.उधर आपूर्ति सामान्य करने को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है.नियमित स्टॉक की जांच होने से कालाबाजारी पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है. ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही सिलिंडर मिलने की प्रक्रिया का असर है कि गोदामों पर पहले से भीड़ कम होने लगी है.इसके बावजूद रसोई गैस के संकट लंबा चलने के अंदेशा में जरूरतमंद उपभोक्ता सिलिंडर को लेकर हाथ पांव मार रहे हैं.नयी व्यवस्था के तहत अब एक सिलिंडर की आपूर्ति के बाद दूसरे सिलिंडर के लिये शहरी क्षेत्र में 25 दिन व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 45 दिन के बाद ही बुकिंग करने की सुविधा है.यह प्रावधान अनावश्यक गैस सिलिंडर के स्टॉक करने की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए बनाये गये हैं.हालांकि बहुतेरे उपभोक्ताओं का कहना है कि निर्धारित अवधि के पहले ही सिलिंडर समाप्त हो जाता है.इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग में सर्वर की गड़बड़ी भी आड़े आ रही है. फूटपाथी दुकान होने लगे बंद आम लोगों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रसोई गैस की किल्लत का असर छोटे व्यवसायों पर भी साफ दिखने लगा है. शहर में चाय, नाश्ता, ढाबा और फास्ट फूड की छोटी-छोटी दुकानें चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है. कई दुकानदारों को दुकान बंद रखने या सीमित समय तक ही दुकान चलाने की मजबूरी हो गई है.इसमें भी कुछ दुकानदार पर्दे के आड़ में व्यवसायिक की जगह घरेलू सिलिंडर का ही उपयोग कर रहे हैं.इनका कहना है कि संकट अगर अगले दो तीन भी बना रहा तो दुकानें बंद करनी पड़ेगी. गैस के अभाव में उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और बुकिंग व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो छोटे कारोबारियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.
जिले में रसोई गैस का संकट जारी
रसोई गैस को लेकर मचे हाहाकार के बीच शनिवार को भी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार नजर आयी.हालांकि ऑनलाइन बुकिंग के चलते अब निर्धारित शिड्यूल के अनुसार सिलिंडर मिलने के चलते कई केंद्रों पर भीड़ अब कम होने लगी है.उधर आपूर्ति सामान्य करने को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है.नियमित स्टॉक की जांच होने से कालाबाजारी पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है.
