प्रतिनिधि, सीवान. शहर के तरवारा मोड़ स्थित एक होटल में सहकारिता विभाग के तत्वावधान में पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं व्यापार मंडल अध्यक्षों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में सहकारिता से जुड़े विभिन्न योजनाओं, पैक्स प्रबंधन, रोजगार सृजन और किसानों को मिलने वाले लाभ पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने कहा कि पैक्स का सही और कुशल प्रबंधन ही किसानों को वास्तविक लाभ दिला सकता है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सैयद मशरूक आलम उपस्थित थे. वहीं अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष नागेंद्र मिश्रा, जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार, संयुक्त निबंधक अंकेक्षण जितेंद्र कुमार तथा सहायक निबंधक सुमन कुमार सिंह ने भाग लिया. बैंक के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सभी पैक्स को राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड का शेयर लेना चाहिए ताकि इन संस्थाओं में उनका मालिकाना हक बन सके.इससे समितियों को भविष्य में आर्थिक लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि जिन पैक्स में जमावृद्धि केंद्र संचालित हो रहा है, वे अपने सदस्यों को ही ऋण उपलब्ध कराएं और गैर-सदस्यों को ऋण देने से बचें. पैक्स और व्यापार मंडल आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे संयुक्त निबंधक सैयद मशरूक आलम ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं. पैक्स और व्यापार मंडल आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. यदि पैक्स का सही प्रबंधन किया जाए तो न केवल समितियां आर्थिक रूप से सशक्त होंगी बल्कि किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना को मजबूत करते हुए इन संस्थाओं को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है.जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने कहा कि जिले के 153 पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य करने के लिए आइडी जारी कर दी गई है. इसके माध्यम से आम लोगों को तीन सौ से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है.इससे समितियों के विकास के साथ-साथ प्रत्येक पैक्स में कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार मिलने का अवसर भी मिलेगा.उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जिले के पैक्स पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट के रूप में भी काम करेंगे. इसके अलावा जिले में 50 पैक्स किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक जैसी कृषि सामग्री गांव में ही सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जा रही है. 20 पैक्स को माइक्रो एटीएम भी उपलब्ध कराया गया सहायक निबंधक सुमन कुमार सिंह कहा कि पैक्स को जन औषधि केंद्र के रूप में चयनित करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. जिससे समिति की आय भी बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना का लाभ जिले के पैक्सों के माध्यम से किसानों को दिया जा रहा है. साथ ही 20 पैक्स को माइक्रो एटीएम भी उपलब्ध कराया गया है.जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं सुलभ हो रही हैं. पैक्स कंप्यूटरीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सभी समितियां अपने लेखा-जोखा को ऑनलाइन करें और समय पर अंकेक्षण कराएं. कार्यक्रम में को-ऑपरेटिव बैंक के प्रशासी पदाधिकारी आलोक कुमार वर्मा, मुख्य प्रबंधक रणजीत कुमार सिंह, सारण प्रमंडल विपणन संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, निदेशक मंडल सदस्य शिवशंकर प्रसाद, शकुंतला देवी, हृदयानंद पांडेय, राजकिशोर सिंह, अतुल कुमार, राजू तिवारी, उमाशंकर पांडेय, रवि रंजन सिंह, अखिलेश्वर तिवारी, अमित सिंह, अनिल सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, लक्ष्मी प्रसाद, नागमणी, मृत्युंजय सिंह, उदय सिंह, संजय दूबे, संजीव कुमार, अखिलेश्वर सिंह, रामदयाल सिंह, राजेंद्र सिंह, बृजकिशोर यादव, मंसूर आलम, अमरिश कुमार, अभिषेक तिवारी समेत कई लोग उपस्थित थे.
सहकारिता से गांव में बढ़ेगा रोजगार
शहर के तरवारा मोड़ स्थित एक होटल में सहकारिता विभाग के तत्वावधान में पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं व्यापार मंडल अध्यक्षों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में सहकारिता से जुड़े विभिन्न योजनाओं, पैक्स प्रबंधन, रोजगार सृजन और किसानों को मिलने वाले लाभ पर विस्तार से चर्चा की गई.
