सीवान: सदर अस्पताल परिसर में मरीजों को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भेजने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) श्रीनिवास प्रसाद ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के जिलाध्यक्ष श्री निवास यादव के सदर अस्पताल परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
शिकायत और गोपनीय जांच के बाद लिया गया निर्णय
सीएस की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दरौली थाना क्षेत्र के बलऊ गांव निवासी श्री निवास यादव के खिलाफ विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं. शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि वे सदर अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार मरीजों, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों और अन्य हादसों में जख्मी मरीजों के प्राथमिक उपचार के बाद उनके परिजनों को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भेजने का काम करते थे.
स्वास्थ्य विभाग के आदेश में बताया गया है कि इन शिकायतों के आधार पर गोपनीय जांच कराई गई. जांच के दौरान प्राप्त जानकारी और मरीजों के परिजनों की शिकायतों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है.
निजी अस्पताल संचालकों से आर्थिक लेन-देन का आरोप
जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मरीजों को निजी संस्थानों में भेजने के बदले संबंधित निजी अस्पताल संचालकों से आर्थिक लेन-देन किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं.
इन आरोपों की जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी के निर्देश पर 23 जुलाई 2026 से श्री निवास यादव के सदर अस्पताल, सीवान में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है.
कई अधिकारियों को भेजी गई आदेश की कॉपी
सिविल सर्जन ने आदेश की प्रतिलिपि सदर अस्पताल के सुरक्षा प्रभारी, टीओपी प्रभारी, नगर थाना, पुलिस अधीक्षक, जिला पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति, राज्य स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य विभाग बिहार को भेजी है.
साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.
श्री निवास यादव ने आरोपों से किया इनकार
इधर, इस मामले में श्री निवास यादव ने कहा कि उन्हें सिविल सर्जन की ओर से जारी कोई पत्र नहीं मिला है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार और बिहार सरकार के नियमों के अनुसार वे कई वर्षों से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को सरकारी अस्पताल पहुंचाने का काम करते रहे हैं.
उन्होंने दावा किया कि इसके लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है.
श्री यादव ने कहा कि यदि सिविल सर्जन की ओर से उनके खिलाफ कोई आदेश जारी किया गया है तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.
