सड़क हादसे में दो भाइयों की गयी जान

मैरवा थाना क्षेत्र के बंगरा निवासी दो चचेरे भाइयों की मौत इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने के क्रम में हो गयी. दोनों शनिवार को बिजयीपुर मोड़ से घर वापस लौट रहे थे, जब थाना क्षेत्र के मछरिया मोड़ के समीप बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर राजेंद्र सरोवर के तट पर कर दिया गया. इधर मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है.

प्रतिनिधि, सीवान/मैरवा. मैरवा थाना क्षेत्र के बंगरा निवासी दो चचेरे भाइयों की मौत इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने के क्रम में हो गयी. दोनों शनिवार को बिजयीपुर मोड़ से घर वापस लौट रहे थे, जब थाना क्षेत्र के मछरिया मोड़ के समीप बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर राजेंद्र सरोवर के तट पर कर दिया गया. इधर मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है. मैरवा थाना क्षेत्र के बंगरा निवासी दीपक सिंह उर्फ सोनू सिंह के पुत्र दीपांशु सिंह (15) व दिवाकर सिंह के पुत्र देवांशु सिंह (14) शनिवार की शाम विजयीपुर मोड़ से गेंहू पिसवाकर अपने घर मोपेड से लौट रहे थे. दोनों गांव के करीब पहुंचे ही थे कि सीवान की तरफ से मैरवा जा रही बस की चपेट में आ गए. बताया जाता है कि हादसे के वक्त बस किसी गाड़ी का ओवरटेक रही थी. इस हादसे में दोनों किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में जहां देवांशु सिंह के सिर में गंभीर चोट लग गयी थी, वहीं दीपांशु सिंह का बाया पैर तीन भाग में टूट गया था साथ ही आंतरिक गंभीर चोट भी लगी थी. घटना के बाद दोनों चचेरे भाइयों को आनन फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने रेफर कर दिया. परिजन दोनों को इलाज के लिए गोरखपुर ले जा रहे थे कि देवांशु सिंह ने देवरिया के आसपास व दीपांशु सिंह ने सरदार नगर के पास दम तोड़ दिया. एक ही चिता पर हुआ दोनों का दाह संस्कार- दोनों चचेरे भाइयों की मौत के बाद परिजन शव को लेकर रात में ही घर वापस आ गए. जहां रविवार की सुबह चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार गांव से कुछ दूरी पर राजेंद्र सरोवर के तट पर एक ही चिता पर कर दिया गया. एक साथ दो अर्थी निकलने पर गांव वालों की आखें हुई नम- बंगरा में रविवार की सुबह दो चचेरे भाइयों की एक साथ अर्थी निकलता देख गांव वालों का भी कलेजा हाथ को आ गया. सभी स्तब्ध थे और सभी की आंखे नम थी. सभी लोग यही कह रहे थे कि नियति के आगे किसी का वश नहीं चलता है. छह दिन पूर्व हुई थी दादा की मौत- जिन दो चचेरे भाइयों की मौत शनिवार को सड़क हादसे में हो गयी, उससे छह दिन पूर्व मंगलवार को उनके दादा 70 वर्षीय राजेंद्र सिंह की मृत्यु हुई थी. अभी परिजन परिवार के बुजुर्ग सदस्य की मौत के सदमे में ही थे कि काल ने उसी परिवार के दो किशोर को अपना निवाला बना लिया. ग्रामीणों ने बताया कि अपने पिता के निधन पर दिवाकर सिंह मद्रास से घर अपने छोटे बेटे देवांशु सिंह के साथ आए थे. वे नेवी में कार्यरत है और उनकी तैनाती मद्रास में हैं. दोनों थे दो-दो भाई- ग्रामीणों ने बताया कि दोनों मृतक दो-दो भाई थे. दो भाईयों में दीपांशु सिंह जहां बड़ा था, वहीं देवांशु सिंह छोटा था. दीपांशु सिंह नौंवी का छात्र था, जबकि देवांशु आठवीं कर छात्र बताया जाता है. देवांशु बड़ा होकर चिकित्सक बनना चाहता था. इधर दोनों चचेरे भाइयों के मौत की खबर सुनकर स्थानीय विधायक अमरजीत कुशवाहा व जनसुराज पार्टी के मुन्ना पांडे व भाजपा नेता प्रमोद मल्ल पीड़ित परिजन से मिलकर सांत्वना देते हुए ढाढस बंधाया.

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Author: DEEPAK MISHRA

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