चावल जमा करने का आज अंतिम दिन

जिले में किसानों से खरीदे गए धान का चावल तैयार करा कर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराने का रविवार अंतिम दिन है. अगर इस दिन तक कोई भी पैक्स शत प्रतिशत चावल नहीं उपलब्ध करायेगा तो उनके ऊपर जांच कराकर प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी. इसको लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. अभी भी 1420 मिलिट्री टन चावल देना शेष रह गया है.

प्रतिनिधि,सीवान. जिले में किसानों से खरीदे गए धान का चावल तैयार करा कर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराने का रविवार अंतिम दिन है. अगर इस दिन तक कोई भी पैक्स शत प्रतिशत चावल नहीं उपलब्ध करायेगा तो उनके ऊपर जांच कराकर प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी. इसको लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने आदेश जारी कर दिया है. अभी भी 1420 मिलिट्री टन चावल देना शेष रह गया है. रविवार को कार्यालय खुले रखने के संबंध में संयुक्त निबंधक सैयद मसरूक आलम ने भी आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि 14 सितंबर को अन्य कर्तव्य दिवस की भांति कार्यालय खोलकर युद्ध स्तर पर सीएमआर आपूर्ति के निमित कार्य का संचालन कराना सुनिश्चित किया जाए.सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी एवं सीवान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक उक्त तिथि को कार्य आवंटित क्षेत्र में भ्रमण करते हुए सीएमआर आपूर्ति की उपलब्धता शत प्रतिशत सुनिश्चित कराने हेतु उतरदायी होगें.वहीं जिला सहकारिता पदाधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के तहत धान खरीद और सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा बैठक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और साफ निर्देश दिया कि विभाग द्वारा तय की गई अंतिम तिथि 14 सितंबर तक हर हाल में शत-प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति पूरी होनी चाहिए.जिला सहकारिता पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में लंबित सीएमआर की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं.इसके अलावा यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन समितियों के पास सीएमआर अभी भी बकाया है. उनके गोदामों का भौतिक सत्यापन किया जाए और उसकी वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट 15 सितंबर शाम 5 बजे तक जिला सहकारिता पदाधिकारी कार्यालय में जमा होनी चाहिए.अगर भौतिक जांच में गोदाम में धान पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारी को यह बताना होगा कि आखिर किस वजह से समय पर सीएमआर आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को नहीं की गई. ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वालों पर अनुशासनिक कार्रवाई की भी सिफारिश की जायेगी.वहीं अगर जांच में गोदाम खाली मिला तो स्थिति और गंभीर होगी. उस स्थिति में समिति के अध्यक्ष, प्रबंधक और प्रबंध समिति के सभी सदस्यों के खिलाफ अवशेष धान के बराबर राशि के गबन का मामला मानते हुए 16 सितंबर तक स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करानी होगी. .जिला सहकारिता पदाधिकारी ने यह भी कहा है कि अगर समय सीमा तक एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तो संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को भी उतना ही जिम्मेदार माना जाएगा. यहां तक कि अगर किसी समिति पर एक लॉट से कम सीएमआर भी बाकी रह जाता है तब भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DEEPAK MISHRA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >