पांच प्रखंडों के बीसीओ का वेतन रोका गया

. जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान की खरीद चल रही है, लेकिन चावल की आपूर्ति फिलहाल अटकी हुई है. इसकी वजह किसी तरह की लापरवाही नहीं, बल्कि एक तकनीकी प्रक्रिया बताई जा रही है. सरकार की प्राथमिकता में शामिल पोषणयुक्त (फोर्टिफाइड) चावल की आपूर्ति के लिए जरूरी फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है

By DEEPAK MISHRA | January 9, 2026 7:59 PM

संवाददाता, सीवान. जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान की खरीद चल रही है, लेकिन चावल की आपूर्ति फिलहाल अटकी हुई है. इसकी वजह किसी तरह की लापरवाही नहीं, बल्कि एक तकनीकी प्रक्रिया बताई जा रही है. सरकार की प्राथमिकता में शामिल पोषणयुक्त (फोर्टिफाइड) चावल की आपूर्ति के लिए जरूरी फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है.इधर धान खरीद में लापरवाही पर बड़हरिया, हसनपुरा, मैरवा, जीरादेई एवं नौतन के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन अवरुद्ध करने का आदेश दिया गया है. यह जांच केंद्र सरकार की लैब में हो रही है. जिस कारण इसमें थोड़ा समय लग रहा है. जब तक गुणवत्ता जांच पूरी नहीं होती, तब तक चावल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पायेगी. धान कुटाई में हो रहे विलंब का असर धान खरीद पर भी पड़ेगा. इन दिनों लगातार समितियों पर ब्याज का भी बोझ बढ रहा है. एक नवंबर से ही जिले में धान की खरीद चल रही है. जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में आयोजित धान खरीद टास्क फोर्स की बैठक में फिर से एक बार चार पैक्स का चयन धान खरीद के लिए किया गया है. इसके बाद कुल चयनित समितियों की संख्या 247 तक पहुंच गयी है. शेष योग्य समितियों एवं व्यापार मंडलों के चयन व अनुमोदन के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया है. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले की 62 अचयनित समितियों को चयनित पैक्सों के साथ सम्बद्ध कर दिया जाए, ताकि धान की खरीद सुचारू रूप से संचालित हो सके और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके बाद चयनित समितियां के साथ इन्हें जोड़कर धान खरीद के आदेश दे दिया गया है. इसके बाद ऐसे पैक्सों की किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार के परेशानी नहीं होगी. एक सप्ताह में प्रगति नहीं तो प्रपत्र ‘क’, विभागीय कार्रवाई तय प्रखंड वार धान क्रय की स्थिति की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिल रही है. बैठक में प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी जीरादेई एवं बड़हरिया की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया. इस पर नाराजगी जताते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि दोनों अनुपस्थित पदाधिकारियों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध किया जाए. समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि बड़हरिया, मैरवा, नवतन, गुठनी, हसनपुरा, जीरादेई एवं लकड़ी नबीगंज प्रखंडों में धान अधिप्राप्ति का औसत क्रय जिला एवं राज्य स्तर की तुलना में काफी कम है इस पर जिला प्रशासन ने कड़ी अप्रसन्नता व्यक्त की. कम प्रगति वाले प्रखंडों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए बैठक में बड़हरिया, हसनपुरा, मैरवा, जीरादेई एवं नौतन के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन अवरुद्ध करने का आदेश दिया गया.संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों द्वारा यदि एक सप्ताह के भीतर धान क्रय में संतोषजनक प्रगति नहीं लाई जाती है तो उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिया गया है. साथ ही छोटे एवं सीमांत किसानों से धान क्रय को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया.

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