आरवाइए ने निकाला आक्रोश मार्च

शुक्रवार को हत्या और भाकपा नेताओं पर हुए मुकदमे के विरोध में आरवाइए ने आक्रोश मार्च निकाला. बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर पार्क से गोपालगंज मोड़ तक मार्च निकाला गया. वही जेपी चौक पर सभा का आयोजन किया गया.

By DEEPAK MISHRA | January 9, 2026 9:51 PM

सीवान. शुक्रवार को हत्या और भाकपा नेताओं पर हुए मुकदमे के विरोध में आरवाइए ने आक्रोश मार्च निकाला. बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर पार्क से गोपालगंज मोड़ तक मार्च निकाला गया. वही जेपी चौक पर सभा का आयोजन किया गया. आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य उपाध्यक्ष सह सीवान जिला सचिव जयशंकर पंडित और मजदूर यूनियन राज्य सचिव अमित कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि 2024 में माले नेता जमादार मांझी को पीट- पीट कर हत्या कर दी गयी. उस मुकदमे को उठाने के लिए जमादार मांझी के भाई सोहेल मांझी और विकास यादव पर दबाव बनाया जा रहा है. इन दोनों नेताओं पर गोरेयाकोठी कांड संख्या 415/2025 कर दिया गया.यह मुकदमा पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष, पूर्वाग्रह और सुनियोजित साजिश का परिणाम है.भाकपा माले नेता विकास यादव ओर सोहेल मांझी की बढ़ती जनस्वीकृति, सामाजिक सक्रियता और लोकतांत्रिक हस्तक्षेप से घबराकर विरोधी गुट ने सत्ता और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उन्हें झूठे एवं मनगढ़ंत आरोपों में फसाने का प्रयास किया है.यह मामला न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का स्पष्ट उदाहरण है. आइसा नेता प्रिंस पासवान ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं.कानून का दुरुपयोग कर जनप्रतिनिधियों, माले नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा हमला है. सत्य, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष पूरी मजबूती से जारी रहेगा.मौके पर आरवाईए और आइसा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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