जिले में सबसे ठंडा रहा जीरादेई, न्यूनतम तापमान सात डिग्री

सीवान. पिछले 20 दिनों से ठंड का प्रकोप जारी है. बर्फीली पछुआ हवा के प्रभाव से कनकनी बढ़ गई है. सुबह से लेकर दिनभर तक ठंड का असर बना हुआ है. शुक्रवार की सुबह जिले की सबसे ठंडा स्थान जीरादेई रहा. यहां का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि जिला मुख्यालय का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस था.वही दिन का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

By DEEPAK MISHRA | January 9, 2026 8:16 PM

प्रतिनिधि, सीवान. पिछले 20 दिनों से ठंड का प्रकोप जारी है. बर्फीली पछुआ हवा के प्रभाव से कनकनी बढ़ गई है. सुबह से लेकर दिनभर तक ठंड का असर बना हुआ है. शुक्रवार की सुबह जिले की सबसे ठंडा स्थान जीरादेई रहा. यहां का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि जिला मुख्यालय का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस था.वही दिन का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.धूप निकलने के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही है. सर्द हवा चलने के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. सुबह के समय जिले में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 200 से 300 मीटर तक सिमट गई. जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ. वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा.कोहरे और ठंड के कारण सड़क पर आम लोगों की आवाजाही कम नजर आई. मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. ….. फिलहाल ठंड राहत के आसार नहीं मौसम विशेषज्ञ डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि पछुआ हवा के कारण ठंड का असर दिन में ज्यादा रहेगा. जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है. लेकिन ठंडी हवा चलने से दिन के समय भी ठंड बनी रहेगी. अगले एक-दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं. इसलिए तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है. ठंडी हवा और अधिक नमी के कारण तापमान का वास्तविक असर इससे भी कम महसूस किया गया. रात के समय तापमान में और गिरावट आने की संभावना है. जिससे ठंड और बढ़ सकती है. आने वाले पांच दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है. दिन में धूप खिलेगी, लेकिन ठंड व कनकनी का असर बरकरार रहेगा. इस दौरान 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलने की संभावना है. ….. कोहरा और ठंड से गेहूं, आलू सहित अन्य फसलों को फायदा पिछले करीब तीन सप्ताह से कोहरे व बढ़ी जबरदस्त ठंड के चलते मौसम रबी की अधिकांश फसलों के लिए अनुकूल है. शीतलहर मक्का व गेहूं की फसल के लिए अति आवश्यक मानी जाती है. दोनों फसल ठंड व शीत के प्रभाव से और मजबूत हुए हैं. उन अरहर व सरसों की इतनी अच्छी फसल बरसों बाद देखने को मिल रही है. आलू, मक्का,धनिया, ब्रोकली समेत सात-आठ किस्म की अन्य फसलें भी काफी सुंदर व मजबूत दिखाई दे रही हैं. कृषि विशेषज्ञ धीरेंद्र कुमार गिरी ने बताया कि इस मौसम में थोड़ी सी असावधानी फसलों पर भारी पड़ सकती है. मौसम साफ रहने पर तो नुकसान की संभावना कम है.लेकिन हल्के बादल के साथ चलने वाली हवा में फूल आये सरसों व अन्य फसलों पर लाही का प्रकोप देखा जा सकता है.

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