हल्की धूप पर भारी पड़ी पछुआ हवा,सुबह और शाम में कनकनी

शनिवार को भी ठंड ने लोगों को परेशान किया.अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.वही आठ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पछुआ हवा चली.हालांकि दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत हुई.पछुआ हवा चलने के चलते सुबह शाम कनकनी महसूस की गई.

By DEEPAK MISHRA | January 10, 2026 10:19 PM

प्रतिनिधि,सीवान.शनिवार को भी ठंड ने लोगों को परेशान किया.अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.वही आठ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पछुआ हवा चली.हालांकि दिन में धूप खिलने से लोगों को राहत हुई.पछुआ हवा चलने के चलते सुबह शाम कनकनी महसूस की गई. ट्रफ लाइन का प्रभाव समाप्त होने से फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं.लेकिन ठंड से राहत मिलती नजर नहीं आ रही. मौसम के जानकारों का मानना है कि दिन में धूप खिली रहेगी .लेकिन रात में मौसम सर्द रहेगा.सुबह-शाम का तापमान भी कम रहेगा. वही सुबह और रात में कोहरा छाया रहेगा.इस बदलते मौसम में चिकित्सक ठंड से बचने की सलाह दे रहे है. भूमध्य सागर से आने वाली हवा ला रही ठंडक मौसम विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार गिरी का कहना है कि वर्तमान में पछुआ हवा चल रही है.इसके कारण ही हवा में तीखापन बना हुआ है.मकर संक्रांति तक हवा में ठंडक बनी रहेगी.भूमध्य सागर से आने वाली पछुआ हवा पहाड़ों से टकराकर मैदानी भागों में प्रवेश करती है तो वह ठंडी होती जाती है.इस कारण ही यह शरीर को वेधती महसूस होती है. हालांकि फिलहाल जिला में बारिश की कोई संभावना नहीं है. सर्दी में लापरवाही से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा दिन में धूप निकल रही है.वही सुबह व शाम सर्दी पड़ रही है.बदलते मौसम में लापरवाही करने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है.चिकित्सकों का मानना है कि ठंड के मौसम में नसों से जुड़ी समस्या तेजी से बढ़ी है.खान पान के साथ शुगर ब्लड प्रेशर की मॉनिटरिंग व एक्सरसाइज से इस खतरे से बचा जा सकता है. इस ठंड के मौसम में खासकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. बदलते मौसम में बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है. ठंड का मौसम में सबसे ज्यादा बीमार, बुजुर्गों और बच्चों को सताता है. इन तीनों के लिए इस मौसम में खास सावधानी की आवश्यकता है.विशेषकर जो लोग हार्ट के मरीज हैं उनके लिए सर्दी का मौसम खतरे की चेतावनी लेकर आता है.विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं.

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