कांग्रेस मनरेगा को बचाने के लिए करेगी आंदोलन

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महात्मा गाधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा ) का नाम बदलने के पीछे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से नफ़रत छिपी हुई थी. भाजपा न केवल कानून का नाम बदल रही है वरन इसके द्वारा गांधी, गरीबों,लोक अधिकारों एवं संविधान पर एक साथ हमला करना चाहती है.

By DEEPAK MISHRA | January 10, 2026 10:05 PM

प्रतिनिधि,सीवान.कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महात्मा गाधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा ) का नाम बदलने के पीछे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से नफ़रत छिपी हुई थी. भाजपा न केवल कानून का नाम बदल रही है वरन इसके द्वारा गांधी, गरीबों,लोक अधिकारों एवं संविधान पर एक साथ हमला करना चाहती है. शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि इसके खिलाफ कांग्रेस 11 जनवरी को उपवास करेगी. आंवेडकर पार्क में उपवास होगा. वहीं 12-29 जनवरी को पंचायतों में जनसंपर्क किया जाएगा.जबकि 29 से 31 जनवरी को प्रखंडो व वार्डों में धरना दिया जाएगा और फरवरी प्रथम सप्ताह में कलेक्टरेट पर प्रदर्शन होगा. प्रदेश प्रतिनिधि डॉ. के. एहतेशाम ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए काम के अधिकार की संवैधानिक गारंटी है. इस कानून के माध्यम से करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार, आजीविका की सुरक्षा और सामाजिक न्याय प्राप्त हुआ है.कोरोना के समय में करोड़ो मजदूरों को रोजगार मिला. किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना और अधिकार आधारित कानून को समाप्त कर उसे एक केंद्र-नियंत्रित योजना में बदलना, न केवल गरीब विरोधी है, बल्कि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, मूल्यों और विरासत पर सीधा हमला है. कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में ग्रामीण मजदूरों का कानूनी रूप से काम मांगने का अधिकार समाप्त हो जाएगा.प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेता मेराज अहमद, शशि कुमार एवं विकास तिवारी भी मौजूद थे.

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