दीपक हत्याकांड को लेकर तनाव

बड़हरिया थाना क्षेत्र के हथिगाई में हुई चाकूबाजी में दीपक की मौत के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है. जिसके बाद से पुलिस गांव में रात से ही गश्त कर रही है. बताया जाता है कि दीपक, राजू और बिट्टू हथिगाई गांव के ही रहने वाले हैं. फरवरी में राजू की बहन को दीपक बहला फुसला कर कही लेकर चला गया था. राजू के परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसके बाद से ही विवाद चल रहा था.

प्रतिनिधि, सीवान. बड़हरिया थाना क्षेत्र के हथिगाई में हुई चाकूबाजी में दीपक की मौत के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है. जिसके बाद से पुलिस गांव में रात से ही गश्त कर रही है. बताया जाता है कि दीपक, राजू और बिट्टू हथिगाई गांव के ही रहने वाले हैं. फरवरी में राजू की बहन को दीपक बहला फुसला कर कही लेकर चला गया था. राजू के परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसके बाद से ही विवाद चल रहा था. बीते कुछ दिन पहले दीपक की मां केस में जमानत कराने के लिए बुलाई थी. जहां दीपक कुछ दिन पहले घर आया था. दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था. सोमवार की संध्या दीपक गांव के ही काली मंदिर के समीप चाउमीन पकौड़ी के दुकान पर था. तभी राजू और बिट्टू आए. दीपक से कहासुनी होने लगी. जिसके बाद राजू ने दीपक को चाकू मार दिया. जिसके बाद दीपक ने भी राजू को चाकू मार दी. वही बीच बचाव करने गए राजू के भाई बिट्टू को भी हांथ में चाकू लग गई. जिसमें दीपक की मौत हो गयी, जबकि राजू का इलाज चल रहा है. पहले से ही चाकू मारने की बात कह रहा था राजू- ग्रामीण ने बताया कि राजू अपनी बहन को लेकर काफी नाराज था. जब दीपक घर आया तो वह अपनी बहन को ढूंढने लगा. लेकिन उसकी बहन दीपक के साथ नहीं आई. जहां दीपक ने उसकी बहन को कहीं रखा था. जिसके बाद वह आग बबूला हो गया था और घूम घूम कर दीपक को चाकू मारने की बात कह रहा था. राजू पेशे से एक शिक्षक है, जो कोचिंग में बच्चों को पढाता है. जिस कारण लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था. लेकिन अंत में सोमवार की संध्या राजू ने दीपक को चाकू मार कर हत्या कर ही दी. पंचायती के बाद भी नहीं माने दोनों पक्ष- स्थानीय पंचों के मुताबिक कुछ दिन पहले पंचों ने इस मामले को लेकर पंचायती की थी. जहां राजू की बहन को पंचों ने बुलाकर पुलिस के हवाले किया था. तब मामला शांत हो गया था. लेकिन फिर दीपक इस युवती को लेकर फरार हो गया. जिसके बाद मामला और तूल पकड़ लिया. दो भाइयों में बड़ा था दीपक- बताते चलें कि दीपक दो भाइयों में सबसे बड़ा था. जो परिवार का पालन पोषण के लिए प्रदेश में रहकर प्लंबर का काम करता था. जिसका छोटा भाई गांव पर ही रहकर पढ़ाई करता है. इधर दीपक की मौत के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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