सीवान: नियम के विपरीत प्रोन्नति का लाभ लेने वाले शिक्षकों से होगी राशि की वसूली, डीपीओ ने बीईओ को दिए निर्देश

सीवान जिले में शिक्षकों द्वारा नियम के विपरीत प्रोन्नति का लाभ लेने पर अब कार्रवाई की जाएगी. अतिरिक्त भुगतान की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. विस्तृत रिपोर्ट के साथ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.

Siwan News: सीवान जिले में नियम के विपरीत प्रोन्नति का लाभ लेने वाले शिक्षकों से अतिरिक्त भुगतान की गई राशि की वसूली की जाएगी. इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने अंतर वेतन राशि की वसूली की प्रक्रिया तेज करते हुए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रोन्नति से संबंधित वेतन निर्धारण में हुई त्रुटियों को हर हाल में सुधारते हुए अधिक भुगतान की गई राशि वापस ली जाएगी.

प्रोन्नति की तिथि से ही देय है वित्तीय लाभ

डीपीओ स्थापना ने जारी निर्देश में कहा है कि प्रोन्नति का वैचारिक एवं वित्तीय लाभ, प्रोन्नति पुनर्निर्धारण की तिथि से नहीं बल्कि पूर्व में दी गई प्रोन्नति की मूल तिथि से देय होता है. इसके बावजूद कई बीईओ कार्यालयों की ओर से उपलब्ध कराई गई विवरणी में अंतर वेतन की गणना प्रोन्नति पुनर्निर्धारण की तिथि से की गई है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है.

जांच में वेतन निर्धारण में मिलीं कई त्रुटियां

विभागीय जांच में पाया गया कि पूर्व में जारी वेतन निर्धारण संबंधी निर्देशों का कई मामलों में सही तरीके से पालन नहीं किया गया. इसके कारण अनेक शिक्षकों को निर्धारित राशि से अधिक वेतन का भुगतान हो गया. अब ऐसे सभी मामलों की समीक्षा कर अतिरिक्त भुगतान की गई राशि संबंधित शिक्षकों से वसूल की जाएगी.

बीईओ से मांगा गया विस्तृत विवरण

डीपीओ ने सभी बीईओ को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंड के विद्यालयों से अधिक भुगतान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराएं. रिपोर्ट के साथ स्वीकृत प्रपत्र, वेतन निर्धारण पत्र, अधिक भुगतान की गणना, वसूली योग्य राशि का विवरण तथा संबंधित शिक्षक का प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा.

ट्रेजरी और एसएसए भुगतान के लिए अलग व्यवस्था

निर्देश में कहा गया है कि जिन शिक्षकों को सरकारी कोषागार (ट्रेजरी) के माध्यम से वेतन का भुगतान हुआ है, उनसे अधिक भुगतान की राशि नियमानुसार सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी. वहीं, जिन शिक्षकों का भुगतान समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के माध्यम से हुआ है, उनसे निर्धारित खाते में राशि जमा कराई जाएगी. राशि जमा होने के बाद उसकी रसीद जिला शिक्षा कार्यालय में जमा करना भी अनिवार्य होगा.

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

डीपीओ स्थापना ने स्पष्ट किया है कि वसूली की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित बीईओ की होगी. यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पदाधिकारी स्वयं इसके लिए उत्तरदायी होंगे.


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Author: Himanshu dwivedi

Published by: Vivek Ranjan

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