siwan news. दिनभर नहीं दिखा सूरज, 10 मीटर हुई विजिबिलिटी

अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज, ठंडी हवा से लोग रहे परेशान

सीवान . ठंड और घने कोहरे ने लोगों की दिनचर्या में भारी बदलाव किया है. बुधवार की सुबह से शाम तक कोहरा छाया रहा, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. दिनभर सूरज दिखाई नहीं दिये. कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई. ठंड और कोहरे की स्थिति मंगलवार देर शाम तक बनी रही. अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जिससे सर्दी का प्रकोप बढ़ गया. इसके साथ ही पछुआ हवाओं की गति भी न किमी प्रति घंटा रही, जिसने ठंड को और बढ़ा दिया. सर्दी और कोहरे के चलते सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया था. सर्दी के प्रभाव से लोग ठंड से बचने के लिए घरों से बाहर कम निकल रहे थे. सुबह के समय स्कूलों और दफ्तरों में जाने वाले लोगों को कोहरे से गुजरते हुए सफर करना पड़ा.

कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार हुई धीमी

जिले में बुधवार को घना कोहरा देखने को मिला. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी मात्र 10 मीटर रह गई. जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए. सड़क पर कई वाहन आपस में भिड़ गए. बीते दिनों छाए कोहरे में विजिबिलिटी करीब 30 मीटर थी. विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई बार हवा के साथ कोहरा आने के कारण आसपास भी कुछ नजर नहीं आया. मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी व पश्चिमी विक्षोभ के कारण घने कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है.

ठंड से ठिठुरते स्कूल पहुंचे छात्र

बुधवार को कोहरे व ठंड से ठिठुरते छात्र स्कूल पहुंचे. स्कूल जाने के लिए बसों का इंतजार कर रहे बच्चे ठंड से ठिठुरते रहे. स्कूल जाने के लिए बच्चों को लगभग सात बजे से तैयार होना पड़ता हैं. उस समय पारा लगभग 7 से 8 डिग्री सेल्सियस रहता है. अभिभावकों का कहना है कि ठंड में स्कूल बंद कर देना चाहिए.

ठंड से बढ़ गये ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक व कोल्ड डायरिया के मरीज

सर्दी के मौसम को हेल्दी सीजन माना जाता है. लोग ठंड में कम बीमार पड़ते है. लेकिन अत्यधिक ठंड के चलते बीमार होने वालों की संख्या बढ़ गई है. अस्पतालों में अधिकांश मरीज ऐसे है, जो जो ठंड की चपेट में आने से बीमार हुए. यही कारण है कि चिकित्सक लोगों को ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं. ठंड बढ़ने से सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़ गए है. ठंड लगने से उल्टी दस्त और पेट दर्द के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे है. इसके साथ ही हार्ट अटैक और सांस संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं. थोड़ी भी चूक होने पर लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं. उनकी स्थिति गंभीर भी हो जा रही है. बीमार होने वालों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है. ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है, जबकि शुगर के मरीजों की परेशानी भी बढ़ रही है.

चिकित्सक डॉ संजय गिरी ने बताया कि लोग ठंड की चपेट में आने से बीमार हुए है. यदि छाती में दर्द के साथ सांस फूलना, चक्कर आना, मरीज बेहोशी की हालत में हो तो हार्ट अटैक हो सकता है. जबकि शुगर के मरीजों में छाती के दर्द को छोड़कर अन्य लक्षण हो तो वह मरीज गंभीर स्थिति में जा रहा है. ऐसे मरीजों को तत्काल डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. धुआं वाले अलाव के पास बैठने से हार्ट और शुगर के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है.

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