प्रतिनिधि, सीवान .यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के दौरान मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया. जिसके कारण 100 करोड़ के बैंकिंग करोबार पर असर पड़ा. हड़ताल का नेतृत्व अरबाज खान ने किया. बैंक कर्मियों ने दाहा नदी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से जुलूस निकालकर सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक होते हुए जेपी चौक और बबुनिया मोड़ तक पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए नारे लगाते हुए सरकार से तुरंत पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव-डे वर्किंग वीक) लागू करने की मांग की. उनका कहना है कि सरकारी बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, जबकि बाकी शनिवारों पर भी पूरे दिन काम करना पड़ता है. यह मांग 2015 से लंबित है और मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हुए 12वें समझौते में इस पर सहमति बन चुकी थी. जिसमें कर्मचारियों ने उत्पादकता बनाए रखने के लिए दैनिक कार्य समय में 40 मिनट बढ़ाने पर भी राजी हो गए थे. लेकिन सरकार ने अब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है. हड़ताल और प्रदर्शन के कारण तकरीबन 100 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार पर सीधा असर पड़ा. कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, लोन प्रोसेसिंग और काउंटर सेवाएं ठप या काफी सीमित रहीं .
हड़ताली बैंककर्मियों ने निकाला विरोध मार्च
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के दौरान मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया. जिसके कारण 100 करोड़ के बैंकिंग करोबार पर असर पड़ा. हड़ताल का नेतृत्व अरबाज खान ने किया. बैंक कर्मियों ने दाहा नदी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से जुलूस निकालकर सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक होते हुए जेपी चौक और बबुनिया मोड़ तक पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए नारे लगाते हुए सरकार से तुरंत पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव-डे वर्किंग वीक) लागू करने की मांग की.
