चावल आपूर्ति में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

राइस मिलों से तैयार फोर्टिफाइड चावल (सीएमआर) की आपूर्ति में सुस्ती को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. इसको लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां सारण प्रमंडल छपरा द्वारा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह खुलासा हुआ कि जिले में अब तक मात्र लगभग 90 प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा सकी है.

प्रतिनिधि सीवान. राइस मिलों से तैयार फोर्टिफाइड चावल (सीएमआर) की आपूर्ति में सुस्ती को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. इसको लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां सारण प्रमंडल छपरा द्वारा हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह खुलासा हुआ कि जिले में अब तक मात्र लगभग 90 प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा सकी है. जबकि लक्ष्य 100 प्रतिशत का था. अनुमान है कि 10 अगस्त तक यह आंकड़ा केवल 94 प्रतिशत तक ही पहुंच पाएगा. इस धीमी प्रगति को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. बैठक में संयुक्त निबंधक ने साफ कहा कि जिन प्रखंडों में सीएमआर की आपूर्ति 100 प्रतिशत पूरी हो चुकी है. वहां के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को तुरंत ऐसे प्रखंडों में प्रतिनियुक्त किया जाए, जहां अभी भी काफी मात्रा में सीएमआर शेष है. यदि तय समय सीमा में मिलिंग कराकर गुणवत्तायुक्त चावल जमा नहीं किया जाता है तो संबंधित पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक, व्यापार मंडल या राइस मिल के खिलाफ कानूनी और अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा है कि 10 अगस्त तक 100 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति नहीं करने वाले पैक्स, व्यापार मंडल और राइस मिलों के खिलाफ या तो स्वयं कार्रवाई की जाए या फिर जिला टास्क फोर्स के माध्यम से कदम उठाए जाएं. साथ ही जिस प्रखंड में लक्ष्य पूरा नहीं होगा. वहां के प्रभारी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के खिलाफ भी विभाग को अनुशासनिक कार्रवाई प्रपत्र ‘क’ प्रस्ताव भेजा जाएगा. आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी ऐसे पैक्स या व्यापार मंडल के गोदाम का भौतिक सत्यापन करें, जहां सीएमआर आपूर्ति शेष है.सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधियाचना पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद को निर्देश दिया गया है कि वे सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही करने वाली समितियों की सूची तैयार करें और संबंधित शाखा प्रबंधकों से सर्टिफिकेट केस दायर करने की प्रक्रिया पूरी कराएं. मैरवा प्रखंड में 100 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति पूरी हो चुकी है. इस उपलब्धि को देखते हुए वहां के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को रघुनाथपुर प्रखंड में भेजकर लक्ष्य पूरा करने में मदद करने का निर्देश भी दिया गया है.

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Author: DEEPAK MISHRA

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