बिहार के इस जिले में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, मलबे में दबने से 10 साल के बच्चे की मौत, मची चीख पुकार

Siwan News: बिहार में आंधी-तूफान और बारिश ने पिछले तीन दिनों से भयंकर तबाही मचा रखी है. बिहार में इस दौरान 60 से ज्यादा लोगों की जान गई है. किसानों का फसल बर्बाद हो गया है.

Siwan News, अरविंद कुमार सिंह: सिवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के समरदह गांव में तेज आंधी और तूफान ने जमकर कहर बरपाया. इस प्राकृतिक आपदा ने एक परिवार को गहरे सदमे में डुबो दिया, जब एक बरगद का पेड़ घर की दीवार गिरने से किशोर 10 वर्षीय बच्चे की दबकर मौत हो गई. मृतक बच्चे की पहचान समरदह गांव निवासी सूरज प्रसाद के पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है इस हृदयविदारक घटना के बाद से परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया

स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान शुरू हुआ. प्रिंस अपने घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था. तभी पास में खड़ा एक विशाल पेड़ तेज हवाओं के झोंके में उखड़कर बच्चे के घर पर जा गिरा. पेड़ के गिरने से घर की दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और टूटकर बच्चे के ऊपर गिर पड़ी. दीवार के मलबे में दबने से प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया. आनन-फानन में परिजनों ने उसे मलबे से निकाला और इलाज के लिए सिवान के सदर अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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गांववालों ने प्रशासन से की ये मांग

इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आंधी इतनी तेज थी कि कई घरों को नुकसान पहुंचा और पेड़-पौधे उखड़ गए. प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की बात कही है. प्रिंस की मौत से उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को रोका जा सके.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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