सीवान में 'वेटलैंड मत्स्य क्लस्टर डेवलपमेंट' परियोजना पर मंथन, चौर भूमि पर बनेंगे तालाब, बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन

सीवान में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'वेटलैंड मत्स्य क्लस्टर डेवलपमेंट' परियोजना शुरू की गई है. इस परियोजना के तहत चौर भूमि पर तालाब बनाए जाएंगे और वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

सीवान: जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और चौर भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'सिवान वेटलैंड मत्स्य क्लस्टर डेवलपमेंट' परियोजना के तहत जिले की चौर भूमि के विकास को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई.

परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण, विकास योजना पर चर्चा

बैठक में मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना की ओर से संयुक्त मत्स्य निदेशक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में गठित समिति ने परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. समिति ने जिले में उपलब्ध चौर क्षेत्रों के विकास, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा मत्स्य पालकों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी.

प्रस्तुतीकरण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

चौर भूमि पर बनेंगे तालाब, वैज्ञानिक तरीके से होगा मत्स्य पालन

डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने निर्देश दिया कि चिन्हित चौर क्षेत्रों में वीबी-जीआरएएमजी योजना के तहत तालाबों का निर्माण कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन के लिए उपयोग किया जा सके. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्मित तालाबों पर मत्स्य विभाग की ओर से आवश्यक इनपुट सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे मत्स्य पालकों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सके.

मत्स्य पालकों को जल्द मिले केसीसी का लाभ

बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के पात्र मत्स्य कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता मिलने से मत्स्य पालक आधुनिक तकनीक अपना सकेंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में भी वृद्धि होगी.

रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद

बैठक में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, चौर भूमि के समुचित विकास और मत्स्य उत्पादन को नई दिशा देने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि परियोजना के सफल संचालन से जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

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By Manish giri

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