प्रतिनिधि, सीवान. बिहार बंद के दौरान 25 जुलाई को सीवान में हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. नगर थाना में इस मामले को लेकर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इन एफआईआर में कुल 103 नामजद आरोपितों के साथ करीब 3000 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस के अनुसार तीनों मामलों में अब तक 103 लोगों की गिरफ्तारी की गई है.
प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम और हिंसा का आरोप
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सुबह जेपी चौक पर आईसा और माले के बैनर तले प्रदर्शन किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रखा. इसके बाद भीड़ गांधी मैदान पहुंची, जहां पहले से मौजूद लोगों के साथ मिलकर प्रदर्शन उग्र होने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ का दावा
एफआईआर में पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर ईंट-पत्थर से हमला किया. इस दौरान पुलिस वाहनों और आम लोगों की गाड़ियों में तोड़फोड़ किए जाने की बात कही गई है. पुलिस का दावा है कि कई पुलिसकर्मी और अधिकारी इस घटना में घायल हुए.
भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग
पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन भीड़ के नहीं मानने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इसके बाद हल्का बल प्रयोग किया गया. एक प्राथमिकी में भीड़ को हटाने के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग का उल्लेख है, जबकि दूसरी प्राथमिकी में आत्मरक्षा में दो राउंड फायरिंग की बात कही गई है.
घटनास्थल से खोखे बरामद करने का पुलिस का दावा
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से .315 बोर और 7.65 एमएम के कई खोखे बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान शहर के कई हिस्सों में पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं, जिसमें तीन लोग घायल हुए. घायलों में आरिफ कुरैशी, बुलेट कुमार गोंड और आकाश कुमार शामिल हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया.
पूछताछ में कई नेताओं के नाम आने का दावा
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा, आईसा जिलाध्यक्ष विकास यादव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए हैं. पुलिस ने आरोप लगाया है कि हिंसा सुनियोजित तरीके से कराई गई.
दंगा समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई जारी
पुलिस ने सभी नामजद और अज्ञात आरोपितों के खिलाफ दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है.
