सफर के बीच आया नन्हा मेहमान: सीवान स्टेशन पहुंचने से पहले महिला ने दिया बेटे को जन्म, RPF की तत्परता आई काम

Baby Born In Train: एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन के जनरल कोच में बुधवार को एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. सीवान रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही प्रसव हो गया था. आरपीएफ जवानों और रेलवे की मेडिकल टीम ने तुरंत कार्रवाई कर जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित की.

Baby Born In Train: चलती ट्रेन में बुधवार को उस समय खुशियों की किलकारी गूंज उठी, जब गाड़ी संख्या 15708 के जनरल कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला ने पुत्र को जन्म दे दिया. ट्रेन के सीवान रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही महिला का प्रसव हो चुका था. सूचना मिलते ही आरपीएफ जवान और रेलवे मेडिकल टीम मौके पर पहुंची तथा जच्चा-बच्चा की जांच कर उन्हें सुरक्षित ट्रेन से नीचे उतारा.

रेलवे कंट्रोल रूम से मिली प्रसव पीड़ा की सूचना

रेलवे सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, वाराणसी से सीवान आरपीएफ पोस्ट को सूचना दी गई कि ट्रेन के इंजन से तीसरे कोच में एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है. सूचना मिलते ही सीवान रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर ड्यूटी में तैनात आरपीएफ उप निरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्रा और हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश मिश्रा संबंधित कोच के पास पहुंच गए.

ट्रेन में ही महिला ने दिया बेटे को जन्म

इसी बीच ट्रेन के सीवान स्टेशन पहुंचने तक महिला का प्रसव ट्रेन के अंदर ही हो चुका था. महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया था. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे चिकित्सालय के फार्मासिस्ट और स्टेशन अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे. रेलवे मेडिकल स्टाफ ने महिला और नवजात की आवश्यक जांच की.

मां और नवजात दोनों स्वस्थ

महिला की पहचान शाहिस्ता परवीन (29), पत्नी मो. रमजान, निवासी सराइया, थाना जीबी नगर तरवारा, सीवान के रूप में हुई. उसके साथ उसकी मां अनिता खातून और ननद रजिया खातून भी यात्रा कर रही थीं. परिजनों ने बताया कि वे बस्ती से गाड़ी संख्या 15708 से सीवान आ रहे थे. इसी दौरान शाहिस्ता को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया.

जांच के बाद जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ पाए गए. इसके बाद परिजन मां और बच्चे को सुरक्षित अपने साथ घर ले गए.

आरपीएफ और मेडिकल टीम की तत्परता से मिली मदद

चलती ट्रेन में प्रसव की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और रेलवे मेडिकल टीम ने तत्काल कार्रवाई की. स्टेशन पर पहुंचते ही दोनों की जांच कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. समय पर हुई इस तत्परता से महिला और नवजात को सुरक्षित सहायता मिल सकी.

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By अमरनाथ शर्मा

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