सीवान सदर अस्पताल पर गंभीर आरोप, लावारिस शवों के दाह संस्कार के भुगतान की जांच की मांग

वीआईपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने सीवान सदर अस्पताल के सिविल सर्जन और अधीक्षक पर जनरेटर संचालन, लावारिस शवों के दाह संस्कार के भुगतान और नर्सिंग होम पंजीकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग की है.

Sadar hospital corruption: वीआईपी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास यादव ने रविवार को प्रेसवार्ता कर सीवान सदर अस्पताल के सिविल सर्जन श्रीनिवास प्रसाद और अधीक्षक अनिल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने अस्पताल में जनरेटर संचालन, लावारिस शवों के दाह संस्कार और जिले में संचालित नर्सिंग होम के पंजीकरण को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की.

18 घंटे बिजली के बावजूद जनरेटर चलाने पर सवाल

श्रीनिवास यादव ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में करीब 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होने के बावजूद 18 घंटे जनरेटर चलाने के नाम पर भुगतान किया जाता है. उन्होंने इस मामले में अस्पताल प्रशासन से खर्च और भुगतान का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की.

लावारिस शवों के दाह संस्कार के भुगतान का आरोप

वीआईपी जिलाध्यक्ष ने सिविल सर्जन से वर्ष 2005 से 2025 तक सदर अस्पताल में कितने लावारिस शवों का दाह संस्कार कराया गया, इसका जवाब मांगा. उन्होंने दावा किया कि वह अपने स्तर से अब तक 200 से अधिक लावारिस शवों का दाह संस्कार करा चुके हैं. आरोप लगाया कि इन शवों के दाह संस्कार के नाम पर अस्पताल प्रशासन द्वारा भुगतान लिया जाता है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की.

नर्सिंग होम के पंजीकरण पर भी उठाये सवाल

श्रीनिवास यादव ने दावा किया कि जिले में करीब 500 से अधिक नर्सिंग होम संचालित हैं, जबकि इनमें करीब 70 से 72 नर्सिंग होम का ही पंजीकरण है. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में नर्सिंग होम बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए.

अस्पताल में प्रवेश प्रतिबंध को लेकर भी सवाल

उन्होंने बताया कि पूर्व में सिविल सर्जन की ओर से उन पर आरोप लगाया गया था कि वह सदर अस्पताल से मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भेजते हैं. इसके बाद उनके अस्पताल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था. श्रीनिवास यादव ने कहा कि बाद में 11 अगस्त को उन्हें अस्पताल में इलाज कराने और अपने सगे-संबंधियों का इलाज कराने की अनुमति दी गयी.

आरोपों की जांच की मांग

वीआईपी जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर राय, विभागीय सचिव और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनके आरोप गलत या वे स्वयं दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए.

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By पंकज कुमार

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