सीवान: जीरो-डोज बच्चों की होगी घर-घर पहचान. नियमित टीकाकरण अभियान होगा तेज

स्वास्थ्य विभाग सीवान जिले में नियमित टीकाकरण अभियान को तेज करने की तैयारी कर रहा है. अधिकारियों ने घर-घर जाकर जीरो-डोज और छूटे हुए बच्चों की पहचान कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.

सीवान: जिले में नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में गुरुवार को छपरा शहर के एक निजी होटल में नियमित टीकाकरण सुदृढ़ीकरण को लेकर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में अधिकारियों ने घर-घर संपर्क कर जीरो-डोज और छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने दिलाई अभियान सफल बनाने की जिम्मेदारी

कार्यशाला का उद्घाटन क्षेत्रीय अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सागर दुलाल सिन्हा एवं सारण के सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में सीवान के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, यूनिसेफ, पीसीआई तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया.

तीन प्रखंडों में चल रहा है विशेष अभियान

कार्यशाला में बताया गया कि जीएवीआई कार्यक्रम के तहत सीवान जिले के तीन प्रखंडों में नियमित टीकाकरण सुदृढ़ीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है. जिन बच्चों को निर्धारित समय पर पेंटा-1 टीका नहीं लग पाया है, उन्हें चिह्नित कर स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर परिवारों को जागरूक करेंगे और टीकाकरण सत्रों तक लाएंगे.

98.9 प्रतिशत बच्चों को लग चुका है पेंटा-1 टीका

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिसंबर 2025 तक जिले के 49 टीकाकरण सत्र स्थलों पर 4,225 बच्चों की पहचान की गई थी. इनमें से 4,180 बच्चों को पेंटा-1 वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जो 98.9 प्रतिशत उपलब्धि है. वहीं 184 बच्चों के परिवारों में टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट या प्रतिरोध पाया गया है. ऐसे परिवारों को विशेष जागरूकता अभियान के माध्यम से टीकाकरण से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई है.

एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहे: अधिकारी

क्षेत्रीय अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि नियमित टीकाकरण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए.

वहीं सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने स्वास्थ्यकर्मियों से छूटे हुए बच्चों की समयबद्ध पहचान कर उनका टीकाकरण पूरा कराने का आह्वान किया.

जीरो-डोज मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य

कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों ने संकल्प लिया कि सीवान जिले में नियमित टीकाकरण अभियान को और मजबूत बनाया जाएगा तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जिला जल्द ही जीरो-डोज बच्चों से मुक्त हो सके.

इसे भी पढ़ें: ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर भभुआ में युवक से साइबर ठगी, 4500 रुपए उडाए; पुलिस की फुर्ती से खाते में वापस आई रकम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amarnath Sharma

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >