सीवान की 4 नदियों और एक नाले की होगी सफाई, 156 किमी जलधारा से हटेगी गाद और गंदगी

सीवान की 4 नदियों और 1 नाले से 156 किमी तक गाद, कचरा व जलकुंभी हटेगी. सारण एकीकृत जल निस्तारण योजना से जल निकासी समस्या होगी दूर. दो माह में काम शुरू.

Siwan River Cleaning: जिले से होकर गुजरने वाली चार नदियों और एक नाले की जल्द तस्वीर बदलने की तैयारी है. लंबे समय से गाद, कचरे और जलकुंभी से प्रभावित करीब 156 किलोमीटर लंबी जलधाराओं की सफाई करायी जाएगी. इसके लिए सारण एकीकृत जल निस्तारण योजना के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया है. शासन से मंजूरी मिलने के बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर करीब दो से तीन माह में काम शुरू होने की उम्मीद है.

योजना के तहत जलधाराओं की सफाई उनके उद्गम से लेकर अंतिम छोर तक करायी जाएगी. नदी और नाले में जमा गाद व कचरा हटाने के साथ बहाव में आ रही रुकावटों को भी दूर किया जाएगा. इससे जलधाराओं का प्राकृतिक बहाव बेहतर होने और आसपास के इलाकों में जल निकासी की समस्या कम होने की उम्मीद है.

घोघारी, धमही, सोना, लबदा नदी और बोहट नाला होंगे साफ

योजना में घोघारी, धमही, सोना और लबदा नदियों के अलावा बोहट नाला शामिल है. ये जलधाराएं सीवान जिले के कई प्रखंडों से होकर गुजरती हैं और आगे सारण व अन्य बड़ी नदियों में जाकर मिलती हैं. सफाई के दौरान नदी की तलहटी में वर्षों से जमा गाद और किनारे जमा कचरे को हटाया जाएगा.

विभाग के अनुसार जलधाराओं में कई स्थानों पर गाद जमा होने से पानी के बहाव की क्षमता प्रभावित हुई है. सफाई के बाद जल प्रवाह बेहतर होने से बरसात के दौरान पानी की निकासी में भी मदद मिल सकती है.

22 किमी लंबी घोघारी नदी की भी होगी सफाई

लकड़ी नवीगंज प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घोघारी नदी जिले में करीब 22 किलोमीटर लंबी है. यह अजबी नगर और गोपालपुर होते हुए सारण जिले के सोनपुर के हासिलपुर तक जाती है, जहां गंगा में मिलती है.

घोघारी नदी का उद्गम गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड के रामपुर गांव के समीप गंडक नदी से बताया गया है. योजना के तहत जिले में इसके पूरे हिस्से की सफाई कराने की तैयारी है.

38 किमी लंबी धमही नदी से हटेगी गाद और जलकुंभी

धमही नदी जिले में करीब 38 किलोमीटर बहती है. यह गोरेयाकोठी प्रखंड के हेतिमपुर गांव से होकर बसंतपुर और भगवानपुरहाट प्रखंड के विभिन्न गांवों से गुजरती है. इसके बाद सारण जिले में जाकर गंडक नदी में मिलती है.

धमही नदी का उद्गम गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड के देवापुर से बताया गया है. नदी के कई हिस्सों में इन दिनों गाद और गंदगी जमा है. कई जगह जलकुंभी के कारण भी नदी का बहाव प्रभावित हो रहा है.

40 किमी क्षेत्र में सोना नदी की होगी सफाई

सोना नदी सीवान जिले में करीब 40 किलोमीटर बहती है. यह नौतन, सीवान सदर, जीरादेई, आंदर और हुसैनगंज प्रखंड क्षेत्रों से होकर गुजरती है. इसके बाद सरयू नदी में मिल जाती है.

सोना नदी का उद्गम गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के तिललोकपुर चौर से बताया गया है. योजना के तहत नदी में जमा गाद और अन्य अवरोधों को हटाकर जल प्रवाह को बेहतर करने की तैयारी है.

बोहट नाला 51 किमी लंबा, पूरी लंबाई में सफाई की तैयारी

बड़हरिया प्रखंड के औराई बदरजीमी चौर से निकलने वाला बोहट नाला जिले में करीब 51 किलोमीटर लंबा है. यह बड़हरिया, पचरूखी, महाराजगंज और दरौंदा प्रखंड क्षेत्रों से होकर गुजरता है. इसके बाद सारण जिले में दहा नदी में मिल जाता है.

योजना के तहत बोहट नाले की भी पूरी लंबाई में सफाई करायी जाएगी. नाले में जमा गाद और कचरे को हटाकर पानी के बहाव को सुचारु करने की तैयारी है.

पांच किमी लंबी लबदा नदी भी योजना में शामिल

लबदा नदी जिले में करीब पांच किलोमीटर बहती है. यह नौतन प्रखंड के गंभीरपुर और सिमरिया क्षेत्र से होकर गुजरती है. इसका उद्गम गोपालगंज जिले के हथुआ के पचफेड़ा से बताया गया है.

योजना के तहत लबदा नदी की भी सफाई करायी जाएगी. इससे नदी के बहाव में आने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

गाद और गंदगी से कराह रही धमही नदी

भगवानपुरहाट, बसंतपुर और गोरेयाकोठी प्रखंड क्षेत्र में धमही नदी का कई हिस्सा इन दिनों गाद और गंदगी से प्रभावित है. नदी की तलहटी में गाद जमा होने के कारण पानी के बहाव पर असर पड़ रहा है. कई जगहों पर जलकुंभी और कचरे के कारण नदी का जल प्रवाह बाधित हो रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने के कारण नदी की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती गयी है. आसपास के इलाकों से बहकर आने वाला कचरा भी कई स्थानों पर नदी में जमा हो जाता है.

बरसात के दौरान नदी में पानी का दबाव बढ़ने पर आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी प्रभावित होने की आशंका रहती है. किसानों का कहना है कि नदी का जल प्रवाह बेहतर रहने से आसपास के खेतों को भी फायदा मिलता है.

सफाई योजना से स्थानीय लोगों को जगी उम्मीद

धमही समेत चार नदियों और एक नाले को सफाई योजना में शामिल किये जाने से स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है. लोगों का कहना है कि अगर उद्गम से लेकर अंतिम छोर तक व्यवस्थित तरीके से सफाई करायी गयी, तो जलधाराओं का बहाव बेहतर हो सकता है.

गाद और कचरा हटने से नदी की जलधारण क्षमता और जल निकासी व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद है. हालांकि इसका वास्तविक असर काम पूरा होने और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा.

क्या कहते हैं अधिकारी

जल निस्सरण प्रमंडल सीवान के अवर प्रमंडल पदाधिकारी इंजीनियर सूरज तिवारी ने बताया कि चार नदियों और एक नाले की सफाई की योजना तैयार है. शासन से मंजूरी मिलने के बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद करीब दो से तीन माह में काम शुरू कराने की तैयारी है.

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By Vivek Kumar

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