सीवान के पांच निबंधन कार्यालयों में शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री, मंगलवार से बढ़ेगी रफ्तार

Paperless Registry: सीवान जिले के पांच निबंधन कार्यालयों में अब जमीन, फ्लैट और मकान की खरीद-बिक्री पेपरलेस हो गई है. आधार और बायोमेट्रिक से पहचान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी. मंगलवार से इस नई व्यवस्था के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है.

Paperless Registry: जिले में जमीन, फ्लैट और मकान की खरीद-बिक्री की निबंधन प्रक्रिया सोमवार से पेपरलेस हो गयी. जिला निबंधन कार्यालय सीवान सदर के अलावा बसंतपुर, रघुनाथपुर, बड़हरिया और महाराजगंज निबंधन कार्यालयों में नई डिजिटल व्यवस्था के तहत निबंधन शुरू किया गया. पहले दिन जिले में तीन दस्तावेजों का निबंधन हुआ. नई व्यवस्था लागू होने के पहले दिन प्रक्रिया को समझने और तकनीकी व्यवस्था को व्यवस्थित करने में समय लगने के कारण रजिस्ट्री की संख्या कम रही. जिला अवर निबंधक गोपेश कुमार चौधरी ने बताया कि मंगलवार से निबंधन कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.

आवेदन से लेकर डिजिटल हस्ताक्षर तक ऑनलाइन होगी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत जमीन, फ्लैट और मकान के निबंधन से जुड़ी अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जायेंगी. दस्तावेज तैयार करने, आवेदन करने, स्टांप शुल्क का भुगतान, पक्षकारों की पहचान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर समेत कई चरण ऑनलाइन होंगे.

निबंधन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षकारों को डिजिटल दस्तावेज व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा. इससे लोगों को कागजी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की परेशानी से राहत मिलेगी.

आधार और बायोमेट्रिक से होगी पहचान

पेपरलेस रजिस्ट्री में पक्षकारों की पहचान आधार सत्यापन के माध्यम से की जायेगी. इसके साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन से पहचान की पुष्टि होगी. इससे निबंधन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में दस्तावेजों के सत्यापन और जरूरत पड़ने पर उनके इस्तेमाल में भी सुविधा होगी. साथ ही फर्जीवाड़े की संभावना को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

कर्मचारियों को दिया गया है प्रशिक्षण

जिला अवर निबंधक गोपेश कुमार चौधरी ने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था को लेकर कार्यालय कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है. कर्मचारियों को डिजिटल सत्यापन, आंकड़ों की प्रविष्टि और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गयी है.

विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार निबंधन कार्यालयों में आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां भी पूरी कर ली गयी हैं.

दस्तावेज लेखक और मुद्रांक विक्रेता भी बनेंगे सेवा प्रदाता

पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया में दस्तावेज लेखक और मुद्रांक विक्रेताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. वर्तमान दस्तावेज लेखकों और मुद्रांक विक्रेताओं को सेवा प्रदाता के रूप में अनुज्ञप्ति प्रदान की गयी है.

जिले में करीब 200 सेवा प्रदाताओं को अनुज्ञप्ति दिये जाने की जानकारी दी गयी है. पक्षकार दस्तावेज तैयार कराने, आवश्यक जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराने और निबंधन प्रक्रिया पूरी करने में इनकी सहायता ले सकेंगे.

दरौली में तीन अगस्त से शुरू है पेपरलेस रजिस्ट्री

दरौली अवर निबंधन कार्यालय में तीन अगस्त से ही पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू हो चुकी है. यहां जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के निबंधन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है.

अब सोमवार से जिले के पांच अन्य निबंधन कार्यालयों में भी नई व्यवस्था लागू कर दी गयी है. जिला अवर निबंधक ने बताया कि पहले दिन नई व्यवस्था को लेकर रजिस्ट्री की संख्या कम रही. मंगलवार से निबंधन कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.

कागजी रिकॉर्ड का दबाव होगा कम

नई पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से निबंधन कार्यालयों में कागजी रिकॉर्ड के रखरखाव का दबाव कम होगा. साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के कारण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और भविष्य में उनका सत्यापन करने में आसानी होगी.

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By Vivek Kumar

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