Baba Saheb insult: पचरुखी बाजार में रविवार को भाकपा माले की ओर से बाबा साहब के अपमान के विरोध में प्रतिवाद मार्च निकाला गया. मार्च पचरुखी प्रखंड परिसर से शुरू होकर स्टेशन मोड़ तक गया. इसके बाद मार्च वापस प्रखंड परिसर पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया.
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "बाबा साहब का अपमान क्यों, सम्राट-मोदी जवाब दो", "लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला नहीं सहेंगे" और "गरीबों के दुश्मन, सामंतों के मित्र पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाये.
आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में निकाला मार्च
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले बड़हरिया विधानसभा प्रभारी विकास यादव ने कहा कि आंदर प्रखंड के उज्जैन बंगरा में संतोष सिंह द्वारा बाबा साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और दलित समाज को गाली देने का मामला सामने आया था. उन्होंने कहा कि इससे संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
विकास यादव ने कहा कि इस मामले के विरोध में आंदर प्रखंड मुख्यालय पर जनसभा आयोजित करने की घोषणा की गयी थी. लेकिन, पार्टी के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा और सत्यदेव राम पर साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कर दिया गया.
प्रशासन पर कार्यक्रम रोकने की धमकी देने का आरोप
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से पार्टी नेताओं को कार्यक्रम रोकने की धमकी दी गयी. नेताओं ने कहा कि एक तरफ भाकपा माले के कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर बड़हरिया में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस की ओर से आयोजित महापंचायत पर प्रशासन ने कोई आपत्ति नहीं जतायी.
भाकपा माले नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही.
मार्च में शामिल हुए पार्टी कार्यकर्ता
प्रतिवाद मार्च और सभा में गुड्डू मिश्रा, रामायण यादव, कुंती यादव, राजकुमारी देवी, अलखदेव भगत, वकील अहमद और आइसा नेता सुनील यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
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