सीवान में प्याज के दाम ने निकले आंसू, 50-55 रुपये किलो तक पहुंचा भाव, पहले जिले में आती थीं 10 से 12 ट्रक अब...

Onion Price Hike: प्याज की बढ़ती कीमतों ने लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे आम आदमी की थाली से यह अहम सब्जी गायब होने लगी है. नासिक और गुजरात में कम उत्पादन के चलते आवक कम होने से दाम ₹55 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.

Onion Price Hike: जिले में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाली प्याज अब लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगी है. बाजारों में अचानक कीमत बढ़ने से आम लोगों के साथ गृहणियों की परेशानी भी बढ़ गयी है. कुछ दिन पहले तक प्याज 30 से 32 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में इसका भाव 48 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है.

प्याज की बढ़ती कीमत का असर आम लोगों की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है. जो ग्राहक पहले पांच से दस किलो प्याज एक साथ खरीदते थे, वे अब जरूरत के अनुसार कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं. कई घरों में सलाद की थाली से भी प्याज गायब होने लगी है. गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए बढ़ी कीमत और ज्यादा परेशानी का कारण बन रही है.

आवक कम होने से बढ़े प्याज के दाम

दुकानदारों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों से प्याज की आपूर्ति होती है. इस वर्ष नासिक और गुजरात में कम उत्पादन तथा भारी बारिश के कारण प्याज की फसल प्रभावित हुई है. इससे बाजार में प्याज की आवक कम हुई और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

थोक व्यवसायी रिंकू ने बताया कि सीवान में पहले नासिक, नागपुर, कानपुर सहित कई जगहों से प्याज की आवक होती थी. फिलहाल मुख्य रूप से इंदौर से प्याज आ रही है. आवक कम होने के कारण बाजार में कीमत बढ़ गयी है.

13 अगस्त से शुरू हुई कीमतों में तेजी

प्याज कारोबारी राजन गोस्वामी ने बताया कि 13 अगस्त से प्याज के दाम में लगातार बढ़ोतरी शुरू हुई. 12 अगस्त से पहले प्याज करीब 2900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रही थी. इसके बाद कीमत लगातार बढ़ती गयी.

वर्तमान में थोक बाजार में प्याज करीब 45 रुपये किलो की दर से बिक रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे बाजारों में खुदरा कीमत 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है.

पहले जिले में आती थीं 10 से 12 ट्रक प्याज

कारोबारियों के अनुसार करीब 15 दिन पहले तक जिले में प्रतिदिन 10 से 12 ट्रक प्याज की आवक होती थी. एक ट्रक में करीब 10 से 15 टन प्याज आती थी. इस हिसाब से 10 ट्रकों के जरिये करीब 100 से 150 टन प्याज जिले में पहुंचती थी, जिसकी खपत भी हो जाती थी.

अब जिले में प्याज की आवक घटकर चार से पांच ट्रक तक रह गयी है. कारोबारियों का कहना है कि कम आवक और बढ़ी कीमत के कारण बाजार का कारोबार भी प्रभावित हुआ है. ग्राहक महंगी प्याज खरीदने से बच रहे हैं, जिससे व्यवसायी भी मायूस हैं.

महंगी प्याज से रसोई का बजट बिगड़ा

प्याज की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है. गृहणियों का कहना है कि रोजमर्रा की सब्जियों में प्याज का इस्तेमाल कम करना पड़ रहा है. आम लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही बाजार में प्याज की आवक बढ़ेगी और कीमतों में कमी आयेगी.

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By पंकज कुमार

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