Siwan News (अरविंद कुमार सिंह) : सीवान में छात्र संगठन आइसा की जिला कमेटी की बैठक भाकपा माले जिला कार्यालय में हुई. बैठक में लगातार हो रहे पेपर लीक, नई शिक्षा नीति 2020 और सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर चर्चा हुई. इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया. आइसा जिला सचिव अनीश कुशवाहा बोले- पेपर लीक से छात्रों का भविष्य कुचला जा रहा है. बैठक को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक हो रहा है. यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. उनके भविष्य को कुचला जा रहा है। ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अभी तक चुप्पी साधे बैठे हैं. उन्होंने कहा कि कारपोरेट परस्त नई शिक्षा नीति 2020 लागू हुए पांच साल बीत चुके हैं.
शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ तेज होगा आंदोलन
अनीश कुशवाहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के क्रूर परिणाम के रूप में देशभर में सरकारी विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूलों पर ताले लगाने और लोन पर संचालित करने जैसे जनविरोधी फरमान सामने आ रहे हैं. आइसा इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन कर रही है. शिक्षा को बचाने के लिए छात्रों को सड़क पर उतरना होगा.
राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे 2 लाख हस्ताक्षर
आइसा अध्यक्ष प्रिंस पासवान ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग को लेकर सिवान में 10 हजार छात्रों-नौजवानों से हस्ताक्षर कराया जाएगा. पूरे बिहार से लगभग 2 लाख हस्ताक्षर कराकर महामहिम राष्ट्रपति को भेजा जाएगा. इसके लिए जिले के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाया जाएगा.
शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर संघर्ष का ऐलान
बैठक में धर्मेंद्र शाह, गोलू कुमार, शिवम कुमार, नितेश नायक, प्रकाश कुशवाहा, ओम शर्मा, अरविंद कुमार, नवनीत कुमार, रोहित कुमार सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया.
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