Siwan News (उमा शंकर) : हसनपुरा प्रखंड के पकड़ी पंचायत के महुअल गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. सुबह से ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भजन-कीर्तन, शंखनाद और भगवान के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. कथा व्यास प्रमोद कृष्ण दास जी महाराज ने अपने मधुर एवं ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और भक्ति का संदेश दिया. उनके प्रवचनों को सुनने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. कथा के दौरान महाराज जी ने महर्षि कर्दम मुनि एवं माता देवहूति के पावन चरित्र का विस्तारपूर्वक वर्णन किया.
श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
उन्होंने बताया कि माता देवहूति ने अपने जीवन में त्याग, सेवा, समर्पण और पतिव्रत धर्म का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया.उन्होंने कहा कि पति-पत्नी का संबंध केवल सांसारिक नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और संस्कारों का पवित्र बंधन होता है.परिवार में सुख-शांति और समृद्धि के लिए आपसी प्रेम, त्याग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है.उनके प्रेरणादायक विचारों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. इसके पश्चात कथा व्यास ने भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा सुनाते हुए धर्म की स्थापना और अहंकार के विनाश का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भगवान समय-समय पर अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं. कथा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया. श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा. महिलाओं द्वारा गाए गए मंगल गीत और आकर्षक झांकियों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया.
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