सीवान से अमर नाथ शर्मा की रिपोर्ट
Siwan News: सीवान में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है. रेलवे ट्रैक से चोरी हुई रेल संपत्ति के मामले में आरपीएफ ने न सिर्फ चोरी गए सभी 31 ईआरसी पेंड्राल क्लिप बरामद कर लिए हैं, बल्कि एक महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद रेलवे सुरक्षा से जुड़े इस चर्चित मामले का पूर्ण उद्भेदन हो गया है.
रेलवे ट्रैक से चोरी हुए थे 31 पेंड्राल क्लिप1
जानकारी के अनुसार 3 मई 2026 को सीवान-जीरादेई रेलखंड के बीच किलोमीटर संख्या 389/12-14 डाउन लाइन से 31 पीस ईआरसी पेंड्राल क्लिप चोरी कर लिए गए थे. यह सामग्री रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और संरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. चोरी की घटना सामने आने के बाद रेलवे महकमे में अपरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था.
अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद आरपीएफ पोस्ट सीवान में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ आरपी(यूपी) एक्ट की धारा 3(ए) तथा रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. रेलवे सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण जांच को प्राथमिकता दी गई.
पहले 21 पेंड्राल क्लिप के साथ पकड़ा गया था रिसीवर
जांच के दौरान 4 मई 2026 को आरपीएफ ने चोरी गई रेल संपत्ति में से 21 पेंड्राल क्लिप बरामद कर लिए थे. इस मामले में रिसीवर प्रदीप मुखिया, निवासी पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि घटना का मुख्य आरोपी उस समय पुलिस की पकड़ से बाहर था.
एक महीने तक चलती रही छापेमारी
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ की टीम लगातार सक्रिय रही. उपनिरीक्षक संजय कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्रा और प्रधान आरक्षी परमेंद्र राय के नेतृत्व में लगातार सुरागरसी और पतारस्सी की जा रही थी. कई संभावित ठिकानों पर भी निगरानी रखी गई. लगातार प्रयासों के बाद 10 जून 2026 को आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली. मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर कमरे अली को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी हुसैनगंज थाना क्षेत्र के छपिया बुजुर्ग गांव का निवासी बताया गया है.
आरोपी के पास से बरामद हुई शेष रेल संपत्ति
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी गई शेष 10 पेंड्राल क्लिप भी बरामद कर ली गई. इसके साथ ही चोरी हुई कुल 31 पेंड्राल क्लिप की बरामदगी पूरी हो गई और मामले का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया. रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि मामले में अब अज्ञात अभियुक्तों के स्थान पर गिरफ्तार आरोपियों के नाम शामिल करते हुए अभियोग को तरमीम किया जा रहा है. इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
