Siwan News (विवेक कुमार सिंह) : बिहार राज्य किसान सभा का 15वां जिला सम्मेलन न्याय मार्ग श्रीनगर स्थित सीपीआईएम कार्यालय में श्रीभगवान चौबे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया.सम्मेलन की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गयी. इसके बाद जिला सचिव अर्जुन यादव ने संगठनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और जिले में किसान आंदोलन की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला.सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष प्रभु राज नारायण राव ने कहा कि आज खेती घाटे का सौदा बन गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों को कमजोर कर कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विभिन्न कृषि नीतियों और समझौतों के जरिए किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने भागलपुर के नवगछिया क्षेत्र में फलदार वृक्षों वाली 1050 एकड़ जमीन एक रुपये वार्षिक लगान पर अडानी समूह को दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे किसानों और ग्रामीणों के हित प्रभावित होंगे.
किसान आंदोलन को लेकर रणनीति और समस्याओं पर मंथन
उन्होंने यह भी कहा कि एक्सप्रेस-वे और अन्य परियोजनाओं के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है. साथ ही अमेरिका के साथ कृषि समझौते को किसानों के हित के खिलाफ बताते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की.सम्मेलन में सीपीआईएम जिला सचिव फूल मोहम्मद अंसारी, मार्कंडेय राजेंद्र मांझी समेत कई नेताओं ने अतिथियों का स्वागत किया. प्रतिवेदन पर चर्चा के दौरान परमा चौधरी, श्रीराम सिंह, अरुण कुमार सिंह, योगेंद्र सिंह और शारदानंद राम ने किसानों की समस्याओं और संगठन को मजबूत करने की जरूरत पर अपने विचार रखे.
अर्जुन यादव सचिव चुने गए
सम्मेलन के अंतिम सत्र में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय जिला समिति का गठन किया गया. इसमें श्रीभगवान चौबे को अध्यक्ष, अर्जुन यादव को सचिव, परमा चौधरी को कोषाध्यक्ष, योगेंद्र सिंह को उपाध्यक्ष और श्रीराम सिंह को संयुक्त सचिव चुना गया. सम्मेलन के समापन अवसर पर जिले भर से आये किसान साथियों का आभार व्यक्त किया गया. कार्यक्रम का समापन “हम लड़ेंगे, जीतेंगे” के नारों के साथ हुआ. नेताओं ने किसानों के हक और खेती बचाने की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प दोहराया.
Also Read : सीवान में लायंस क्लब सदस्यों का सम्मान समारोह, सामाजिक सेवा पर हुई चर्चा
