Siwan News (विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट): नौकरी की तलाश में भटक रहे जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 291 आवेदकों का चयन किया गया है. चयन प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड रेंडमाइजेशन यानी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से की गई है. अब चयनित लाभुकों के दस्तावेजों की जांच होगी और सभी शर्तें पूरी होने पर उन्हें प्रशिक्षण देकर उद्योग स्थापित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत चयनित लाभुकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसमें 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में माफ कर दी जाती है, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि बेहद कम ब्याज दर पर ऋण के रूप में लौटानी होती है. इससे युवा बिना बड़े आर्थिक दबाव के अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे.
अनुसूचित जाति, महिला, अल्पसंख्यक और दिव्यांग वर्ग को भी मौका
इस योजना में अनुसूचित जाति-जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला, युवा और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है. इस वर्ष पहली बार मुख्यमंत्री दिव्यांग उद्यमी योजना को भी इसमें शामिल किया गया है. विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद राज्य स्तर पर कंप्यूटर के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी की गई. जिले में चयनित 291 लाभुकों में महिला वर्ग से 66, ईबीसी वर्ग से 64, एससी-एसटी वर्ग से 54, युवा वर्ग से 62, अल्पसंख्यक वर्ग से 43 तथा दिव्यांग वर्ग से दो लोगों का चयन हुआ है.
छह दिनों का प्रशिक्षण, फिर मिलेगी पहली किस्त
चयनित लाभुकों को पहले चरण में छह दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद जिला उद्योग केंद्र को लाभुकों की सूची भेजी जाएगी. इसके आधार पर प्रथम किस्त के रूप में दो लाख रुपये तक की स्वीकृति जारी की जाएगी. राशि मिलने के बाद लाभुकों को 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर उपयोगिता प्रमाण अपलोड करना अनिवार्य होगा. उपयोगिता प्रमाण की जांच और स्वीकृति के बाद दूसरे चरण का प्रशिक्षण कराया जाएगा. इसके बाद दूसरी और तीसरी किस्त जारी की जाएगी.योजना के तहत अंतिम किस्त मिलने के एक वर्ष बाद से लाभुकों को 84 मासिक किस्तों में ऋण राशि का भुगतान करना होगा. कुल राशि का आधा हिस्सा सरकार की ओर से अनुदान के रूप में माफ कर दिया जाएगा.
जिले में छोटे उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
चयनित लाभुक विभिन्न प्रकार के उद्योग लगाने की तैयारी में हैं. किसी ने पशु आहार निर्माण इकाई, आटा चक्की और तेल मिल के लिए आवेदन दिया है तो कोई बेकरी उत्पादन, मसाला निर्माण, प्लास्टिक प्रिंटिंग, रेडिमेड गारमेंट, साइबर कैफे, रेस्टोरेंट, एलईडी बल्ब निर्माण और पावरलूम उद्योग शुरू करेगा. इससे जिले में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. उद्योग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले में स्वरोजगार की नई संस्कृति विकसित होगी. युवा नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने के बजाय अपने जिले में ही उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
जांच के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के आवेदकों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया गया है. अब सभी चयनित लाभुकों के कागजातों की जांच की जाएगी. दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा और उद्योग स्थापना के लिए तीन किस्तों में राशि उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा अवसर है.इससे न सिर्फ युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी.
