Siwan News: (मैरवा से राजन कुमार की रिपोर्ट)
मैरवा नगर पंचायत क्षेत्र के श्रीनगर मोहल्ले में कालाजार का एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. मरीज की पुष्टि होते ही विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर प्रभावित इलाके में दवा छिड़काव अभियान शुरू कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बीमारी के प्रसार को रोकना और लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है.
प्रभावित क्षेत्र में कराया गया दवा का छिड़काव
जानकारी के अनुसार कालाजार के मरीज की पहचान होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम का गठन किया. सुपरवाइजर रूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने श्रीनगर मोहल्ले का दौरा किया. इस दौरान प्रभावित घर सहित आसपास के कई घरों में सिंथेटिक पाइरेथ्रॉइड दवा का छिड़काव कराया गया.
सुपरवाइजर ने लोगों को किया जागरूक
छिड़काव अभियान का नेतृत्व कर रहे सुपरवाइजर रूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी (सैंड फ्लाई) के काटने से फैलने वाली बीमारी है. इसके नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सघन छिड़काव कराया जा रहा है. उन्होंने लोगों से घर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजमाव नहीं होने देने की अपील की.
मच्छरदानी के उपयोग पर दिया जोर
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे रात में सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें. साथ ही आसपास की झाड़ियों और गंदगी को साफ रखें, ताकि बालू मक्खियों के प्रजनन को रोका जा सके.
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम छिड़काव के साथ-साथ लोगों को बीमारी के लक्षणों के प्रति भी जागरूक कर रही है. टीम के सदस्यों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार बुखार रहे, भूख कम लगे या वजन तेजी से घटने लगे, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए.
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त है इलाज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कालाजार का इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है. समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे.
