Siwan News (हसनपुरा से उमा शंकर की रिपोर्ट): सीवान जिले के हसनपुरा प्रखंड अंतर्गत फलपुरा पंचायत के पड़ौली गांव स्थित काली मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्री मारुति नंदन महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. महायज्ञ के चौथे दिन बुधवार की रात धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरी श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ. इस महायज्ञ में आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया.
कथावाचक केन बाबा ने सुनाया पौराणिक प्रसंग
महायज्ञ के दौरान महाराजगंज से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक चंद्रभान द्विवेदी उर्फ केन बाबा ने अपने प्रवचन में जालंधर और तुलसी उत्पत्ति की पौराणिक कथा का विस्तृत वर्णन किया. उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि जालंधर भगवान शिव के तेज से उत्पन्न एक पराक्रमी असुर था, जिसकी शक्ति उसकी पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म से जुड़ी हुई थी. वृंदा की अटूट निष्ठा और कठिन तपस्या के कारण देवता भी जालंधर को पराजित करने में असमर्थ साबित हो रहे थे.
सनातन धर्म में तुलसी का विशेष महत्व
कथावाचक ने प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि भगवान विष्णु की लीला के बाद जब वृंदा का पतिव्रत भंग हुआ, तभी जालंधर का वध संभव हो सका. वृंदा के इस अद्वितीय तप और त्याग से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें तुलसी के रूप में अमरत्व प्रदान किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म में तुलसी का विशेष धार्मिक महत्व है और बिना तुलसी दल के भगवान विष्णु की कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है.
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा परिसर
इस मार्मिक कथा के दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालु पूरी तरह से भक्ति रस में डूबे नजर आए. यज्ञ परिसर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमी रही तथा पूरा वातावरण जय श्रीराम और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष से गूंजता रहा. यज्ञ समिति के आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन तय समय पर धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है. इस धार्मिक मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे.
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