Siwan News:(विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट) पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच वित्तीय लेन-देन का मामला सामने आने पर पंचायती राज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हड़ताल अवधि में ई-पंचायत बिहार और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर DSC साइन कर राशि भुगतान करने के आरोप में जिले के दो पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने इसे सरकारी सेवा आचार नियमावली का गंभीर उल्लंघन माना है।
जानकारी के अनुसार, गोरेयाकोठी प्रखंड के गोरेयाकोठी ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव पवन कुमार ने हड़ताल अवधि के दौरान 17 अप्रैल 2026 को लगभग 2.40 लाख रुपये का वित्तीय भुगतान किया। वहीं जीरादेई प्रखंड के छोटका मांझा ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव सुजीत कुमार द्वारा 16 अप्रैल 2026 को करीब 6.07 लाख रुपये का भुगतान किये जाने का मामला सामने आया। दोनों मामलों में संबंधित प्रखंड अधिकारियों ने पुष्टि की कि उस समय दोनों पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल थे।
विभागीय जांच में मिली पुष्टि
विभागीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना। विभाग का कहना है कि हड़ताल में शामिल रहने के बावजूद वित्तीय कार्य करना गलत मानसिकता तथा व्यक्तिगत आर्थिक लाभ की मंशा को दर्शाता है।
इसी आधार पर बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत दोनों पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है।
पंचायतों में कई जरूरी कार्य थे बाधित
विभागीय आदेश में उल्लेख किया गया है कि 8 अप्रैल 2026 से पंचायत सचिवों की हड़ताल के कारण पंचायतों में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे थे। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करना, वंशावली बनाना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, छठा एवं 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं का क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, जनगणना-2027 तथा सहयोग शिविर जैसे कार्य बाधित थे। इसके बावजूद संबंधित पंचायत सचिवों द्वारा पोर्टल पर लॉगिन कर वित्तीय भुगतान किये जाने का मामला विभाग के संज्ञान में आने के बाद यह कार्रवाई की गयी।
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में दोनों पंचायत सचिवों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिये जाने का प्रावधान किया गया है। पवन कुमार का निलंबन मुख्यालय रघुनाथपुर प्रखंड कार्यालय तथा सुजीत कुमार का निलंबन मुख्यालय गोरेयाकोठी प्रखंड कार्यालय निर्धारित किया गया है. विभाग की इस कार्रवाई के बाद पंचायत सचिवों के बीच भी चर्चा तेज हो गयी है।
