Siwan News : (मनीष गिरि) कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में अंबेडकर भवन स्थित संवाद कक्ष में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन, कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना रहा है.
डीएम ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने की. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और किसानों के बीच प्रसार कर्मी महत्वपूर्ण कड़ी हैं और इनके माध्यम से योजनाओं की जानकारी खेतों तक पहुंचनी चाहिए. उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं का लाभ समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
कृषि को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़
डीएम ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की जा सकती है. उन्होंने उर्वरकों के संतुलित उपयोग और किसानों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया.
विशेषज्ञों ने दी आधुनिक खेती की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को समय पर धान, मक्का, अरहर जैसी खरीफ फसलों की बुआई, प्रमाणित बीजों के उपयोग, मिट्टी जांच, जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दी. साथ ही समेकित कीट प्रबंधन (IPM) के जरिए फसल सुरक्षा पर भी जानकारी दी गई.
किसानों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि विभाग किसानों को बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र और विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने प्रसार कर्मियों को खरीफ मौसम में सभी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने का निर्देश दिया.
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